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भारत ने तैयार की 'ध्‍वनि' मिसाइल, ब्रह्मोस से भी खतरनाक, थरथराएगा दुश्‍मन, क्‍यों होगी गेमचेंजर?

Updated: सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 (15:54 IST)
India develops Dhavni Missile : भारत की रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) एक ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब है। भारत मिसाइलों की दुनिया में आंधी लाने की तैयारी में है। DRDO इस साल 'ध्वनि' नाम की नई पीढ़ी की हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) मिसाइल का पहला परीक्षण 2025 अंत तक कर सकता है। मैक 5 से अधिक गति वाली यह मिसाइल भारत की रणनीतिक शक्ति बढ़ाएगी। यह मिसाइल ब्रह्मोस और चीन के DF-26 से कई गुना ज्यादा विनाशक है।

खबरों के अनुसार, भारत की रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) एक ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब है। भारत मिसाइलों की दुनिया में आंधी लाने की तैयारी में है। DRDO इस साल 'ध्वनि' नाम की नई पीढ़ी की हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) मिसाइल का पहला परीक्षण 2025 अंत तक कर सकता है। मैक 5 से अधिक गति वाली यह मिसाइल भारत की रणनीतिक शक्ति बढ़ाएगी।
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यह मिसाइल ब्रह्मोस और चीन के DF-26 से कई गुना ज्यादा विनाशक है। 'ध्‍वनि' मिसाइल की गति 7400 किमी/घंटा होगी और 1500 किलोमीटर रेंज होगी। ब्रह्मोस से तेज यह मिसाइल दुश्मन का रक्षा कवच भेदेगी। यह मिसाइल 80 प्रतिशत स्वदेशी है। चीन और रूस की मिसाइलों का जवाब बनेगी भारत की यह हाइपरसोनिक मिसाइल। इसकी खासियत यह है कि यह हवा में ऊंचाई से ग्लाइड करती हुई बेहद तेज गति और पैंतरेबाज़ी के साथ लक्ष्य तक पहुंचती है।

सकी रफ्तार और दिशा बदलने की क्षमता इसे मौजूदा किसी भी मिसाइल रक्षा प्रणाली से लगभग अजेय बनाती है। DRDO का यह परीक्षण 'ध्वनि' का पहला बड़े स्तर का उड़ान परीक्षण होगा। यह मिसाइल दुश्मन के रडार और इंटरसेप्टर को चकमा देकर सीधे लक्ष्य पर प्रहार कर सकेगी। इस सफलता के बाद भारत क्षेत्रीय और वैश्विक रक्षा समीकरणों में गेम चेंजर साबित हो सकता है।
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यह पहले अत्यधिक ऊंचाई तक लांच होती है और फिर ग्लाइड करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ती है। इस प्रकार यह रडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों से लगभग अदृश्य रहती है। ब्रह्मोस से कई गुना ज्यादा खतरनाक है। इस दुनिया का मोस्ट एडवांस मिसाइल कहा जा रहा है, जो चीन के सबसे ज्यादा विनाशक DF-26 के मुकाबले भी टेक्नोलॉजी में काफी आगे है।

चीन और पाकिस्तान अगले कम से कम 15 सालों तक इंटरसेप्ट नहीं कर पाएंगे। दुनिया का कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम, जिसमें अमेरिकी THAAD और इसराइली Iron Dome भी शामिल हैं, वो ध्वनि मिसाइल को रोक नहीं पाएंगे।
Edited By : Chetan Gour
(सांकेतिक फोटो)
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