sawan somwar

ग्रीष्म लहरों के बढ़ते प्रकोप के पीछे यह है वजह

Updated: शनिवार, 27 मार्च 2021 (13:18 IST)
नई दिल्ली, भारत में मई और जून के महीने में चलने वाली ग्रीष्म लहरें जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर देती हैं। ग्रीष्म लहरों के प्रकोप में वर्ष दर वर्ष चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है।

ग्रीष्म लहरों की चपेट में आने से प्रति वर्ष बड़ी संख्या में मनुष्यों और पशुधन की हानि होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ग्रीष्म लहरों ने भारत और पाकिस्तान के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है।

भारत और ब्राजील के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक क्षेत्र में गर्मी लगातार बढ़ रही है, जिसका असर भारत के मौसम पर भी हो रहा है। भारतीय मौसम पर यह प्रभाव ‘क्यूआरयू’ मैकेनिज्म के कारण हो रहा है।

‘क्यूआरए’ मैकेनिज्म के तहत रॉस्बी तरंगें, जो पृथ्वी के वायुमंडल और महासागरों में प्राकृतिक रूप से पायी जाती हैं, पृथ्वी की स्थलाकृति और बढ़ते तापमान से प्रभावित होती हैं। अध्ययन में, भारत में ‘क्यूआरए’ की परिघटना और ग्रीष्म लहरों के चलने में परस्पर संबंध की बात सामने आई है।

शोध में कहा गया है कि आर्कटिक क्षेत्र चिंताजनक रूप से गर्म हो रहा है, जिसे "आर्कटिक वार्मिंग" कहा जाता है। आर्कटिक क्षेत्र में तापमान वैश्विक औसत से दुगनी तेजी से बढ़ रहा है। आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ रही यह गर्मी "ग्लोबल वार्मिंग" का परिणाम है।

इसके पहले कई अन्य अध्ययनों में भी भारत में ग्रीष्म लहरों के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताई गयी है। लेकिन, इसका एक संभावित कारण ग्लोबल वार्मिंग हो सकता है, यह बात अब सामने आई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस प्रतिकूल जलवायु परिवर्तन के शमन की योजना बनाने की तत्काल आवश्यकता है।

डॉ वीबी राव और अन्य शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में, अप्रैल से मई महीने के दौरान भारत में सतह के अधिकतम तापमान के कम से कम चार दिन पहले  सटीक पूर्वानुमान लगा लेने की बात भी बतायी है।

‘लार्ज स्केल कनेक्शन टू डेडली इंडियन हीटवेव्स’ शीर्षक से इस शोध के परिणाम ‘जर्नल ऑफ़ रॉयल मीटरोलॉजी’ में प्रकाशित हुए है। इस अध्ययन में राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, ब्राजील से डॉ वीबी राव, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय से डॉ के. कोटेश्वर राव, एसआरएम इनस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से डॉ टी.वी. लक्ष्मी कुमार और हैदराबाद विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र गोवर्धन दांडु शामिल हैं। (इंडिया साइंस वायर)

Show comments

Operation Sindoor : 88 घंटे के ऑपरेशन सिंदूर पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, खोले रणनीति के राज

Google Gemini 3.7 Flash लॉन्च : कोडिंग से लेकर AI एजेंट तक, कई मोर्चों पर हुआ और ताकतवर

EPFO Higher Pension : ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन किया है तो जानिए अब क्या करेगा EPFO, सरकार ने बताए 4 बड़े कदम

UAE में छिपा था 13 हजार करोड़ की ड्रग्स का आरोपी, NCB वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत लाई, क्या बोले अमित शाह?

सोनम वांगचुक ने ‘दूसरी आजादी और क्रांति' का किया आह्वान! पूछा आधे सांसदों पर मुकदमे, फिर कैसे बनेगा विकसित भारत?

सभी देखें

पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर ने लगाई फांसी, TMC दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव, मामले पर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

भारत की रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग, दिव्यास्त्र Mk3 का हुआ सफल टेस्ट, जानिए स्‍वदेशी ड्रोन की खासियत

पाप माफ नहीं होगा, वंदे मातरम् विवाद पर अमित शाह ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना

चंबल नदी में बड़ा हादसा टला, ईंधन खत्म होने से बीच धारा में फंसा स्टीमर, 40 यात्री थे सवार

वाराणसी एयरपोर्ट पर Air India Express यात्री की पिस्तौल से चली गोली, 2 स्क्रीनर्स घायल

अगला लेख