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Poonch Encounter : 32 दिन, 50 किमी का इलाका, 9 सैनिक शहीद, हिरासत में लिए 26

Updated: शनिवार, 13 नवंबर 2021 (10:28 IST)
जम्मू। एलओसी से सटे पुंछ जिले के 50 किमी के जंगल में पिछले 32 दिनों से चल रहे ऑपरेशन को सेना अभी भी आधिकारिक तौर पर खत्म करने की घोषणा नहीं कर रही है। इसमें सेना का मुकाबला कितने आतंकियों से है अभी भी पता नहीं चल पाया है। हालांकि 26 लोगों को आतंकियों का साथ देने के आरोप में पकड़ा है लेकिन सेना को इसके लिए अपने 9 जवानों की शहादत देनी पड़ी है।
 
इस संबंध में बीती रात भी 5 लोगों को पुलिस ने मेंढर, सुरनकोट, राजौरी से गिरफ्तार किया है। कुल 26 लोगों को अभी तक पकड़ा गया है और पूछताछ जारी है। सूत्रों के अनुसार, इन लोगों ने कबूला है कि इन्हें सीमा पार से संदेश मिलते थे और फिर ये घुसपैठ कर भारत मे घुसने वाले आतंकियों को आगे के रास्ते की जानकारी देते थे। साथ ही उनके रहने व खाने का प्रबंध करते थे। पुंछ और राजौरी मे एलओसी में कई ऐसे इलाके हैं, जिनके रास्ते ये आतंकी घुसपैठ करते हैं।
 
सूत्रों का ये भी दावा है कि पुंछ में जो आतंकी जंगल मे छिपे थे, वे भी बालाकोट सेक्टर से घुसपैठ कर पहुंचे थे। हालांकि, इनके 4 साथी राजौरी के थन्नामंडी इलाके में अगस्त 2021 में सेना ने मार गिराए थे और कुछ साथी बचकर निकल गए थे।
 
11 अक्टूबर को पुंछ के डेरा की गली में सुबह लगभग पांच बजे के करीब सेना की एक टुकड़ी पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद कई घंटों तक आतंकियों से मुठभेड़ चली, लेकिन आतंकी घने जंगल और मौसम का फायदा उठाकर दूसरे जंगल भट्टा दूरिया इलाके में जाकर छिप गए। सेना और पुलिस की टीमें आतंकियों के पीछे लगी रहीं और इन आतंकियों के साथ फिर 13 अक्टूबर को मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें भारतीय सेना के चार और जवान शहीद हो गए।
 
तभी से इन आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है, जिसमें सेना के साथ-साथ जम्मू कश्मीर पुलिस का स्पेशल आप्रेशन ग्रुप भी शामिल है। हालांकि, आतंकी कितने हैं और कहां छिपे हैं, इसकी पूरी जानकारी आज तक नहीं मिल पाई है। सेना के सूत्रों का कहना है कि जंगल मे भीतर कुछ प्राकृतिक गुफाएं हैं, जिसमें आतंकी छिपे हो सकते हैं।
 
इन आतंकियों को खाने-पीने का सामान और सूचनाएं स्थानीय लोग दे रहे थे, जो पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के पे रोल पर थे। जिन्हें ओवर ग्राउंड वर्कर भी कह सकते हैं। अभी तक पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो आतंकियों तक खाने-पीने का सामान पहुंचाते थे और सुरक्षा बलों के हर मूवमेंट की जानकारी मुहैया करवा रहे थे।

पुंछ जिले के मेंढर सब डिविजन में तीन ऐसे ओवर ग्राउंड वर्कर थे, जो यहां से भाग कर नेपाल चले गए थे और वहीं से सऊदी अरब और फिर पाकिस्तान पहुंचने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें काठमांडू एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। इन सभी से पूछताछ जारी है।
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें

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