दिल्ली में डेंगू का कहर, एक सप्ताह में 280 से ज्यादा मामले

Last Updated: मंगलवार, 26 अक्टूबर 2021 (13:42 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में इस साल डेंगू के 1000 से अधिक मामले आए हैं, जिनमें से 280 से अधिक नए मामले पिछले एक हफ्ते में आए। नगर निगम द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, भाजपा इसके लिए दिल्ली की को जिम्मेदार ठहराया है।

पहली मौत अक्टूबर में : दिल्ली में इस मौसम में दर्ज किए गए डेंगू के कुल मामलों में से 665 मामले इस महीने 23 अक्टूबर तक दर्ज किए गए। शहर में पिछले दो हफ्तों में मच्छर जनित बीमारी के मामले बढ़े हैं और दिल्ली में इस बीमारी से पहली मौत 18 अक्टूबर को हुई। सितंबर में यहां एक निजी अस्पताल में सरिता विहार निवासी 35 वर्षीय ममता कश्यप की डेंगू से मौत हो गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मौसम में 23 अक्टूबर तक डेंगू के कुल 1,006 मामले दर्ज किए गए और एक व्यक्ति की मौत हुई। डेंगू के ये मामले इसी अवधि के लिए 2018 के बाद से सबसे अधिक हैं। इस साल 16 अक्टूबर तक 723 मामले आए थे, यानी कि 283 नए मामले एक हफ्ते में सामने आए।
2018 में सबसे ज्यादा : दक्षिण दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में एक जनवरी से 16 अक्टूबर तक आने वाले मामले 489 (2020), 833 (2019) और 1,310 (2018) रहे। 2020 में कुल 1,072 मामले आए और एक व्यक्ति की मौत हुई। एसडीएमसी शहर में मच्छर जनित बीमारियों पर आंकड़ों का संग्रह करने वाली नोडल एजेंसी है।

एसडीएमसी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2019 में डेंगू से दो, 2018 में चार, 2017 में 10 और 2016 में 10 लोगों की मौत हुई थी। साल 2021 में डेंगू के जनवरी में शून्य, फरवरी में दो, मार्च में पांच, अप्रैल में 10, मई में 12, जून में सात, जुलाई में 16 और अगस्त में 72 मामले आए थे। सितंबर में इस बार 217 मामले आए, जो पिछले तीन वर्षों में इस महीने आए डेंगू के सर्वाधिक मामले हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 22 सितंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में डेंगू के 188 मामले आए थे और 2019 में 190 मामले आए थे। इससे पहले 2018 में 374, 2017 में 1,103, 2016 में 1362 और 2015 में 6,775 मामले आए थे।

भाजपा के निशाने पर दिल्ली सरकार : दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और तीनों मेयरों दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम अपने स्तर पर कम संसाधन होने के बावजूद जिम्मेदारी निभा रही है। MCD 10 नवंबर तक मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए सघन अभियान के तहत फोगिंग और दवाइयों का छिड़काव करेगी।
साफ पानी में पनपता है डेंगू मच्छर : डेंगू मच्छर का लार्वा साफ, ठहरे पानी में पनपता है, जबकि मलेरिया का मच्छर गंदे पानी में पनपता है। मच्छर जनित बीमारियों के मामले आम तौर पर जुलाई और नवंबर के बीच आते हैं, लेकिन ये दिसंबर के मध्य तक भी आ सकते हैं।

नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में इस साल 16 अक्टूबर तक मलेरिया के 154 और चिकनगुनिया के 73 मामले आ चुके हैं। मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया में तेज बुखार होता है। डेंगू के मामले बढ़ने के बीच तीनों नगर निगमों ने फॉगिंग और छिड़काव अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को दावा किया कि मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए कीटनाशकों और दवाओं का ‘पर्याप्त भंडार’ है।



और भी पढ़ें :