अब डेंगू ने डराया, यूपी और मध्यप्रदेश समेत कई राज्य बुखार में 'तपे'

पुनः संशोधित मंगलवार, 14 सितम्बर 2021 (13:55 IST)
नई दिल्ली। लोग अभी कोरोनावायरस (Coronavirus) के कहर से मुक्त नहीं हुए हैं, इसी बीच डेंगू और बुखार से तपने लगे हैं। डेंगू और वायरल का सर्वाधिक प्रभाव उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार में दिखाई दे रहा है। यूपी में भी फिरोजाबाद जिले में डेंगू ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर, डेंगू के डी-2 स्ट्रेन को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है, इसके चलते ही यूपी में लोगों की मौत हुई है।

यूपी में 1900 से ज्यादा मरीज : एक रिपोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी से अब तक यूपी में डेंगू के करीब 1900 मरीज सामने आ चुके हैं। प्रभावित जिलों में विशेषज्ञों की टीम दौरा कर चुकी है। फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में पिछले दो दिनों में 101 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज के डेंगू वॉर्ड में कुल 408 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यूपी के एटा जिले में एक बच्ची सहित 6 और कासगंज में 2 मरीजों की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं मैनपुरी के जिला अस्पताल में 2 दर्जन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं और वर्तमान में 100 बेड वाले अस्पताल में 429 मरीजों का इलाज चल रहा हैं।
फिरोजाबाद में 60 से ज्यादा की मौत : अधिकारियों के मुताबिक फिरोजाबाद में डेंगू से 2 और लोगों की मौत होने से जिले में डेंगू और वायरल बुखार से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 60 हो गई। आगरा मंडल के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अपर महानिदेशक डॉक्टर एके सिंह ने बताया कि सोमवार को बुखार से 14 वर्षीय लड़की वैष्णवी तथा एक बच्चे की मृत्यु हो गई।

मध्यप्रदेश में 2500 ज्यादा मामले : मध्यप्रदेश में इस साल एक जनवरी से अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या 2570 हो गई है। राज्य के जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत अन्य जिलों में भी डेंगू और वायरल के मामले सामने आए हैं। जबलपुर जिले में पिछले 24 घंटे में मच्छर जनित संक्रमण के 150 नए मामले सामने आने और इससे एक व्यक्ति की मौत होने के बाद राज्य सरकार बुधवार से डेंगू विरोधी अभियान शुरू करने जा रही है।
इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबलपुर के रांझी ब्लॉक में मच्छर जनित बीमारी फैलने को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया। कांग्रेस के रांझी ब्लॉक के अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि इलाके में करीब 2500 से 3000 लोग डेंगू से पीड़ित हैं। जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल में डेंगू से पीड़ित 53 वर्षीय एक महिला पुलिसकर्मी की रविवार को मौत हो गई।

इंदौर प्रकोप बढ़ा : मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में पिछले 48 घंटों के भीतर 29 नए मामले मिलने के बाद इस साल डेंगू के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 150 से ज्यादा हो गई है। इंदौर में डेंगू से एक व्यक्ति की मौत भी हुई है।

बिहार में 10 मामले : यूं तो राज्य में डेंगू और वायरल के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि प्रदेश में डेंगू के अब तक 10 मामले सामने आए हैं। कुमार ने कहा कि डेंगू के संबंध में दो दिन पहले उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की है। सारण में एक और गोपालगंज में डेंगू के 9 मामले सामने आए हैं।
दिल्ली में 150 से ज्यादा मामले : दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजधानी में इस साल अब तक डेंगू के कम से कम 150 मामले आ चुके हैं, लेकिन शहर में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।

केंद्र सरकार ने भी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर डेंगू जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण गतिविधियों में तेजी लाने पर जोर दिया है।इन राज्यों के अलावा हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में वायरल बुखार के मामले सामने आए हैं।

बेहद खतरनाक है D-2 स्ट्रेन : हाल ही में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के निदेशक जनरल डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा था कि के मथुरा, आगरा और फिरोजाबाद जिले में ज्यादातर मौतें डेंगू की वजह से हुई हैं। उन्होंने कहा कि इसके पीछे डेंगू का D-2 स्ट्रेन है, जो कि बेहद खतरनाक है।
वहीं, नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने लोगों से अपील की है कि वे डेंगू को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दें। क्योंकि डेंगू की वजह से कई तरह की गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।



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