Indian Navy का मिशन, तस्वीरों में देखें समंदर में जिंदगी बचाने की जंग

Last Updated: बुधवार, 19 मई 2021 (22:25 IST)
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मुंबई। साइक्लोन ताउते से समुद्र में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारतीय नौसेना का मिशन जारी है। बजरा (बार्ज) पी-305 पर मौजूद लोगों में से कम से कम 26 की मौत हो चुकी है और 49 लोग अब भी लापता हैं। उल्लेखनीय है कि यह बजरा चक्रवात ‘ताउते’ के कारण मुंबई के तट से कुछ दूर सागर में फंसने के बाद डूब गया था। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश एवं बचाव अभियान है।
नौसेना की ओर से बुधवार को बताया गया कि बेहद खराब मौसम से जूझते हुए उसके जवानों ने बजरा पी-305 पर मौजूद 261 लोगों में से अब तक 186 को बचा लिया है, दो लोगों को 'टगबोट' वारप्रदा से बचाया गया है।

अभी तक 26 शवों को बरामद किया गया है और बजरा पी-305 पर मौजूद 49 लोग अब भी लापता हैं जो सोमवार को डूब गया था। नौसेना ने अभी तक बताया था कि बजरे पर 273 लोग मौजूद थे लेकिन बुधवार की शाम को एक अधिकारी ने इसका संचालन करने वाली कंपनी के हवाले से बताया कि बजरे पर 261 थे।

मुंबई पुलिस जांच करेगी कि चक्रवात ताउते के बारे में चेतावनी जारी करने के बावजूद बजरा पी-305 उस क्षेत्र में क्यों रूका रहा। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। दक्षिण मुंबई में येलो गेट पुलिस ने बजरे पर मौजूद लोगों में से जिनका शव बरामद हुआ है, उस सिलसिले में एक दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है।

भारतीय नौसेना और तटरक्षक नौकाएं एवं हेलिकॉप्टर के साथ-साथ ओएनजीसी के पोत जीवितों की तलाश कर रहे हैं। तूफान में डूबे पी-305 और दो अन्य निर्माण बजरों के लंगर उखड़ गए और ये फिसलते चले गए। इन तीन बजरों पर काम कर रहे करीब 600 कर्मचारी एफकॉन के हैं। इन बजरों के अलावा, ओएनजीसी का ऑइल ड्रिलिंग रिग ‘सागर भूषण’ भी अपने स्थान से खिसक गया था। रिग में 101 लोग थे।

नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि दो अन्य बजरों तथा एक ऑयल रिग पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। प्रवक्ता ने बताया, ‘‘मुंबई और गुजरात में तीसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान अभी जारी है और लोगों को तट तक सुरक्षित लाने की उम्मीद हमने अब तक नहीं छोड़ी है।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद समय बीतने के साथ क्षीण पड़ती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ये बजरे चक्रवात ताउते के गुजरात तट से टकराने से कुछ घंटे पहले मुंबई के पास अरब सागर में फंस गए थे। इस बीच नौसेना का युद्धपोत आईएनएस कोच्चि पी-305 से बचाए गए 186 लोगों में से 125 को लेकर बुधवार सुबह मुंबई पहुंचा। प्रवक्ता ने बताया कि इनके साथ ही 22 शवों को भी लाया गया।

नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार सुबह तक, पी-305 पर मौजूद 186 कर्मियों को बचा लिया गया है। आईएनएस तेग, आईएनएस बेतवा, आईएनएस ब्यास, पी-81 विमान और हेलीकॉप्टरों की मदद से तलाश एवं बचाव अभियान जारी है। सेना और तटरक्षक बल ने बजरे ‘जीएएल कन्स्ट्रक्टर’ में मौजूद 137 लोगों को मंगलवार तक बचा लिया था।

अधिकारियों ने बताया कि बजरे एसएस-3 पर मौजूद 196 लोग और ऑयल रिग सागर भूषण पर मौजूद 101 लोग सुरक्षित हैं। ओएनजीसी तथा एससीआई के पोतों के जरिए इन्हें तट तक सुरक्षित लाया जा रहा है। बचाव एवं राहत कार्यों में मदद के लिए क्षेत्र में पोत आईएनएस तलवार भी तैनात है।
नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि 707 कर्मियों के साथ तीन बजरे और एक ऑयल रिग सोमवार को समुद्र में फंस गए थे। इनमें 273 लोगों के साथ 'पी305' बजरा, 137 कर्मियों के साथ 'जीएएल कंस्ट्रक्टर' और एसएस-3 बजरा शामिल है, जिसमें 196 कर्मी मौजूद थे। साथ ही 'सागर भूषण' ऑयल रिग भी समुद्र में फंस गया था, जिसमें 101 कर्मी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने ली जानकारी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘ताउते’ के चलते तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के एक बजरे पर फंसे कर्मियों को बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का बुधवार को जायजा लिया।



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