Zomato ने शुरू की 10 मिनट में डिलिवरी सेवा, सोशल मीडिया पर उठा 'सुरक्षा' का सवाल

पुनः संशोधित बुधवार, 23 मार्च 2022 (08:20 IST)
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नई दिल्ली। खाने-पीने के सामान की ऑनलाइन डिलिवरी सुविधा उपलब्ध कराने वाले मंच जोमैटो द्वारा महज 10 मिनट में ही तत्काल डिलिवरी सेवा शुरू करने की घोषणा को लेकर सोशल मीडिया पर उसकी जम कर आलोचना हो रही है। जोमैटो को अपने डिलिवरी साझेदारों की सड़क सुरक्षा को लेकर स्पष्टीकरण देने को मजबूर होना पड़ा।

कंपनी के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने सोमवार को एक ब्लॉगपोस्ट में जानकारी दी थी कि कंपनी की अगले माह से गुरुग्राम में ‘जोमैटो इंस्टेंट’ शुरू करने की योजना है। आलोचनाओं के बीच गोयल ने सोशल मीडिया में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 10 तथा 30 मिनट दोनों ही प्रकार की डिलिवरी में देरी होने पर कोई जुर्माना नहीं है और समय पर डिलिवरी में कोई इंसेंटिव नहीं मिलेगा।

उन्होंने ट्वीट करके कहा कि दस मिनट में डिलिवरी पास के निश्चित स्थानों, लोकप्रिय तथा मानकीकृत मेन्यू के लिए ही है।
कांग्रेस से लोकसभा सांसद कार्ति चिदंबरम ने ट्वीट किया, 'यह गलत है। इससे डिलिवरी साझेदारों पर बेवजह का दबाव बनता है, जो कर्मचारी तक नहीं है और जिन्हें न तो फायदा है और न ही कोई सुरक्षा प्राप्त है। उन्हें जोमैटो के साथ मोलतोल की शक्ति भी नहीं है। मैंने संसद में इसे उठाया है और सरकार को भी लिखा है। हम इसे आगे बढ़ाएंगे।'
इसी प्रकार से शिव सेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी जोमैटो की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी को फुड डिलिवरी के लिए आधे घंटे इंतजार करने में कोई समस्या है।



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