कांग्रेस से 'आजाद' हुए कीर्ति, CM ममता बनर्जी ने दिलाई TMC की सदस्यता

Last Updated: मंगलवार, 23 नवंबर 2021 (21:16 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। आजाद ने मंगलवार को यहां तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद पार्टी की सदस्यता ली। आजाद ने तृणमूल में शामिल होने के बाद कहा कि आज देश को ऐसे व्यक्तित्व की जरूरत है, जो देश को सही और नई दिशा दिखा सके। बनर्जी में यह नेतृत्व देने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से बनर्जी ने जमीनी स्तर पर आम लोगों से जुड़ी उनकी तकलीफों को समझा है, वह देशसेवा के लिए उनकी भावना को दर्शाता है। आजाद ने कहा कि उनकी कोई जात या धर्म नहीं है बल्कि बनर्जी की तरह देशसेवा करना ही उनका उद्देश्य है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से पूर्व सांसद रहे आजाद 1983 की क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम के सदस्य थे। दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ में कथित अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार को लेकर तत्कालीन वित्तमंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाने के चलते उन्हें भाजपा से निलंबित कर दिया गया था। वे 2018 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। आजाद बिहार की दरभंगा संसदीय सीट से 3 बार भाजपा के टिकट पर लोकसभा सांसद चुने गए थे।
इससे पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व महासचिव और पूर्व सांसद पवन वर्मा ने भी आज मंगलवार को तृणमूल की सदस्यता ली । वर्मा ने तृणमूल में शामिल होने के बाद कहा कि आज की राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है। मौजूदा हालात में विपक्ष को सही नेतृत्व देने की क्षमता सिर्फ बनर्जी के पास है। हम बनर्जी को 2024 के आम चुनावों के बाद दिल्ली में देखना चाहते हैं।
भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी वर्मा जदयू के पूर्व महासचिव, राज्यसभा सांसद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार रह चुके हैं। उन्हें 2020 में जदयू से निष्कासित कर दिया गया था। इससे पहले बनर्जी से प्रसिद्ध गीतकार और पूर्व सांसद जावेद अख्तर और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सलाहकार रहे सुधीन्द्र कुलकर्णी ने भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कुलकर्णी ने कहा कि बनर्जी से उनकी मौजूदा राजनीतिक और गैरराजनीतिक मसलों पर सामान्य चर्चा हुई।



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