Vehicles Scrappage Policy का फायदा लेने वालों के लिए और क्या प्लान बना रही सरकार, नितिन गडकरी ने बताया

Last Updated: मंगलवार, 23 नवंबर 2021 (18:07 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि सरकार हाल में पेश राष्ट्रीय वाहन कबाड़ नीति के तहत पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के बाद खरीदी जाने वाली नई गाड़ियों पर कर संबंधित और रियायतें देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। गडकरी ने यह भी कहा कि नई कबाड़ नीति से में कमी आएगी।

उन्होंने मारुति सुजुकी तोयोत्सु के कबाड़ और पुनर्चक्रण सुविधा केंद्र का उद्घाटन करते यह बात कही। यह सरकार से मंजूरी प्राप्त इस प्रकार का पहला केंद्र है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि कबाड़ नीति से केंद्र और राज्यों दोनों का माल एवं सेवाकर (जीएसटी) राजस्व बढ़ेगा। मैं वित्त मंत्रालय से इस पर चर्चा करूंगा कि नई नीति के तहत किस प्रकार कर संबंधित और रियायतें दी जा सकती हैं।
नई नीति के तहत केंद्र ने कहा था कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के बाद नई गाड़ी लेने पर पथकर पर 25 प्रतिशत तक छूट देंगे। गडकरी ने कहा कि वे जीएसटी परिषद से भी इस बात की संभावना टटोलने का आग्रह कर रहे हैं कि नई नीति के तहत क्या और प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं?

गडकरी ने कहा कि इस बारे में अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय और जीएसटी परिषद करेगी। कबाड़ नीति से सभी पक्षों को लाभ होगा, क्योंकि इससे विनिर्माण को गति मिलेगी, नौकरियां सृजित होंगी और केंद्र तथा राज्यों दोनों को जीएसटी मद में 40,000-40,000 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होगा। कबाड़ नीति प्रदूषण पर लगाम लगाने और रोजगार सृजित करने लिहाज से महत्वपूर्ण है। पुरानी गाड़ियां नए वाहनों की तुलना में अधिक प्रदूषण फैलाती हैं। अत: उन्हें हटाने की जरूरत है। हमें उम्मीद है कि कबाड़ नीति से बिक्री 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ेगी।



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