अयोध्या के फैसले से पहले CM योगी ने ली हाईलेवल मीटिंग, सुरक्षाबलों की 150 कंपनियां तैनात

Last Updated: शनिवार, 9 नवंबर 2019 (00:36 IST)
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या प्रकरण के संबंध में आज दिए जाने वाले फैसले के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस फैसले को जीत-हार के साथ जोड़कर न देखा जाए। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि प्रदेश में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण को हर हाल में बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर कतई ध्यान न दें।
मुख्यमंत्री ने देर रात उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी की सुरक्षा व प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है। कोई भी व्यक्ति यदि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों को 9 से 11 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।

प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में आज पुलिस एवं सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी वाहनों की चेकिंग की जा रही है। स्टेशनों एवं बस अड्डों पर भी पुलिस चौकसी बरत रही है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के अनुसार प्रदेश में पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम कर रखे हैं और अयोध्या निर्णय को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों में हाईअलर्ट है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी प्रदेश में हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षा बलों की 150 कंपनियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के तमाम जिलों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के साथ सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है।

इस बीच अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी और जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि अयोध्या को पूरी तरह सील कर दिया गया है। रामजन्मभूमि स्थान की ओर केवल उन्हीं लोगों को जाने दिया जा रहा है जो वहां के रहने वाले हैं। अयोध्या की किलाबंदी कर सभी रास्तों पर बैरियर लगाए गए हैं। हर आने जाने वाले की गहन तलाशी ली जा रही है।

सुरक्षा के लिए 60 अर्द्धसैनिक बल तैनात : इस बीच अयोध्या की सुरक्षा के प्रभारी अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अभियोजन आशुतोष पांडेय ने यहां बताया कि अयोध्या में सुरक्षा के लिए 60 कंपनी अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। इसमें 15 कंपनी पीएसी, 15 कंपनी सीआरपीएफ और 10 कंपनी आरएएफ हाल में अयोध्या आई है जबकि 20 कंपनी पीएसी पहले से ही यहां तैनात थी। इसके अलावा दूसरे जिलों से आए सुरक्षाकर्मियों में 1500 सिपाही, 250 सब इंस्पेक्टर, 150 इंस्पेक्टर, 20 डिप्टी एसपी, 11 एडिशनल एसपी तथा 2 एसपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अयोध्या के विभिन्न थानों में तैनात सुरक्षाबल तो पहले से ही यहां पर हैं।

10 ड्रोन करेंगे आसमान से निगरानी : उन्होंने बताया कि आसमान से निगरानी के लिए कैमरे युक्त 10 ड्रोन तैनात किए गए हैं। शहर के सभी 30 चौराहों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए 24 घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने एक हेलीकॉप्टर भी अगले आदेश तक अयोध्या में रखने के निर्देश दिए हैं ताकि आपात स्थिति में उसकी सेवा ली जा सके।

गौरतलब है कि पांडेय अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस रह चुके हैं और शहर के चप्पे-चप्पे तथा मिजाज से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। इसके अलावा नवंबर 2018 में अयोध्या में धर्म संसद के आयोजन के दौरान उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इन्हीं की थी।

रामलला विराजमान के पास यलो जोन : उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर रामलला विराजमान हैं उसके आसपास के इलाके को 'यलो जोन' बनाया है और वहां पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। इस इलाके में रामलला के दर्शन करने जा रहे लोगों की गहन जांच की जा रही है और हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूरे अयोध्या शहर को 3 जोन, 31 सेक्टर और 35 सब सेक्टर में बांटा गया है।

पांडेय बताया कि रामलला के दर्शन के लिए अधिक लोगों के आ जाने पर शहर के बाहर होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां दर्शनार्थियों के जत्थों को रोका जाएगा और उन्हें छोटे-छोटे समूहों में दर्शन करने के लिए भेजा जाएगा ताकि एकदम से अयोध्या में भीड़ ना बढ़े।

शहर के बाहर पार्किंग के लिए भी कई स्थान चिन्हित किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले वाहनों को वहां रोका जा सकें और वहां से श्रद्धालुओं को पैदल दर्शन करने के लिए भेजा जा सके। पांडेय ने बताया कि अयोध्या में चल रही 14 कोसी परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाए, इसके भी इंतजाम किए गए हैं।

इस बीच बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार इकबाल अंसारी ने लोगों से अपील की वे अपने घरो में ही बैठकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सुनें। उन्होंने कहा कि न्यायालय का निर्णय हम सभी को मानना है। हम न्यायालय के निर्णय का सम्मान करेंगे।

 

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