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Loksabha: 60 वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया 1962 का संकल्प, संसद में उठा चीनी कब्जे का मुद्दा

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नई दिल्ली। लोकसभा में भाजपा के एक सांसद ने चीन के कब्जे वाले भारत के भू-भाग को वापस लेने के संबंध में नवंबर 1962 में संसद के दोनों सदनों में पारित संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना के 60 वर्ष बाद भी भारत इसे पूरा करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ पाया।
 
उन्होंने साथ ही उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस संकल्प को पूरा करने के लिए कदम उठाएगी। निचले सदन में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रताप राव पाटिल चिखालीकर ने कहा कि 14 नवंबर 1962 को संसद के दोनों सदनों में संयुक्त संकल्प पारित किया गया था कि चीन ने हमारे जितने भू-भाग पर कब्जा किया है, उसे चाहे कितना समय लगे, हम वापस लेकर रहेंगे।
 
उन्होंने कहा कि इस संकल्प को पारित किए हुए 60 वर्ष गुजर चुके हैं और अभी तक भारत इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पाया है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि जिस समय यह संकल्प लिया गया था कि उस समय की सरकार कमजोर थी लेकिन वर्तमान सरकार देशभक्तों की सरकार है।
 
उन्होंने इस संबंध में भाजपा नीत राजग सरकार के दौरान पाकिस्तान के क्षेत्र में एयर स्ट्राइक और डोकलाम की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार 1962 के संकल्प को पूरा करने में सक्षम है। प्रताप राव पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार राष्ट्र के मान, सम्मान और स्वाभिमान के प्रति समर्पित है और उन्हें पूरा विश्वास है कि इस संकल्प को पूरा करेगी।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta
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