मुंबई के संबंध में राज्यपाल की टिप्पणी से सहमत नहीं : एकनाथ शिंदे

पुनः संशोधित शनिवार, 30 जुलाई 2022 (19:59 IST)
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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि वह मुंबई के संबंध में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में मराठी लोगों द्वारा किए गए योगदान को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद राज्यपाल ने कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उन्हें अपने बयानों से किसी को भी ठेस न पहुंचाने के प्रति सतर्क रहना चाहिए। कोश्यारी ने शुक्रवार शाम यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि मुंबई में गुजराती और राजस्थानी लोग नहीं रहेंगे, तो यहां पैसा नहीं बचेगा और यह देश की आर्थिक राजधानी नहीं रहेगी।

इस टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद राज्यपाल ने शनिवार को कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया है। उन्होंने कहा कि उनका मराठी भाषी लोगों की कड़ी मेहनत को कमतर करने का कोई इरादा नहीं था।

शिंदे ने नासिक जिले के मालेगांव में कहा, हम (मुंबई के संबंध में) कोश्यारी के विचार से सहमत नहीं हैं। यह उनका निजी विचार है। उन्होंने अब एक स्पष्टीकरण जारी किया है। वे एक संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनकी टिप्पणियों से दूसरों को ठेस न पहुंचे।

उन्होंने कहा, मराठी समुदाय की कड़ी मेहनत ने मुंबई के विकास और प्रगति में योगदान दिया है। यह एक महत्वपूर्ण शहर है, जिसमें अपार संभावनाएं हैं। देशभर के लोगों के इसे अपना घर बनाने के बावजूद मराठी लोगों ने अपनी पहचान और गौरव को बरकरार रखा है और इसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

शिंदे ने कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र की राजधानी बनाने के आंदोलन में 105 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे ने शहर की मराठी पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा, मुंबई और मराठी लोगों का अपमान कोई नहीं कर सकता। मुंबई शहर ने कई आपदाओं का सामना किया, लेकिन यह कभी नहीं रुकता, यह चौबीसों घंटे काम करता रहता है और हजारों लोगों को रोजगार, आजीविका देता है।

इस बीच, उपमुख्यमंत्री ने धुले में कहा कि मराठी भाषी लोगों का महाराष्ट्र के विकास में अहम योगदान है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, यहां तक कि औद्योगिक क्षेत्र में भी मराठी भाषी लोगों ने वैश्विक प्रगति की है। हम राज्यपाल की टिप्पणी से सहमत नहीं हैं।(भाषा)



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