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...तो सरकार को मिलेगा कंपनियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार
नई दिल्ली। सरकार ने अनियमित जमा योजनाओं से जुड़े विधेयक में इन योजनाओं को पूरी तरह अवैध तथा अपराध करार देने का प्रावधान किया है और इससे सरकार को ऐसी कंपनियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिल जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अनियमित जमा योजना निरोधक विधेयक, 2018 में संशोधनों को मंजूरी प्रदान की गई। विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बैठक में लिए गए निर्णयों को जानकारी देते हुए कहा कि पिछले वर्ष इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया गया था।
बाद में इसे वित्त संबंधी स्थाई समिति को भेजा गया था। समिति ने गत 3 जनवरी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी जिसके आधार पर इस विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल ने समिति की अधिकांश सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
प्रसाद ने बताया कि समिति ने विधेयक की धारा 217 में अनियमित योजनाओं की परिभाषा में स्पष्टीकरण की सिफारिश की थी। नई परिभाषा के अनुसार कोई भी ऐसी जमा योजना जो नियमित की श्रेणी में नहीं है उसे अवैध और अपराध बनाया गया है।
साथ ही ऐसी योजनाओं का किसी भी तरह से प्रचार-प्रसार तथा ब्रांड एंबेसडर आदि के तौर पर उसका विज्ञापन करना भी अपराध होगा। ऐसी योजना चलाने वाली कंपनियों की संपत्ति जब्त कर जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने का भी प्रावधान विधेयक में किया गया है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के आपराधिक प्रावधान शारदा चिट फंड समेत किसी भी योजना पर पूर्ववर्ती प्रभाव से लागू नहीं होंगे। हालांकि संपत्ति जब्त करने के बारे में उन्होंने कहा, यह पूर्ववर्ती योजनाओं पर प्रभावी होगा या नहीं इसके बारे में देखना होगा।
