0

जो खुदा के हैं अब... वो राहत इंदौरी अवाम के भी शायर थे

मंगलवार,अगस्त 11, 2020
rahat indori
0
1
·भगवान विष्णु ने भगवान शिव से उनका बाल रूप देखने का अनुरोध किया और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान शिव ने बालक के रूप गृहपति अवतार लिया। उसके बाद भगवान शिव ने भी भगवान विष्णु के बाल रूप को देखने की इच्छा जताई।
1
2
संत विनोबा भावे कहते थे- वर्तमान शिक्षा यानी पढ़ना-लिखना और कुर्सी पर बैठकर हुक्म चलाना। पढ़ना सीखने का मतलब काम छोड़ना। पढ़े-लिखे लोगों को काम करने में शर्म मालूम होती है। यह बिलकुल खतरनाक हालत है कि समाज में देह और बुद्धि अलग-अलग हो। भगवान ने सबको ...
2
3
इन्‍हीं सब के बीच सुदीक्षा भाटी की मौत गुम हो जाएगी, खो जाएगी। उसके मां-बाप अपनी बेटी के टूटे हुए सपनों को गोद में रखकर सुब‍कते रहेंगे जिंदगीभर।
3
4
राधा-कृष्ण एक हैं। राधा कृष्ण का स्त्री रूप हैं और कृष्ण राधा का पुरुष रूप। उनकी प्रेम भरी नटखट वाकचातुर्य में श्री कृष्ण की पराजय भी बड़ी मोहिनी है-
4
4
5
2014 में सारी परिस्थितियां अनुकूल होने के बावजूद भाजपा ने अपने दिग्गज कैलाश जोशी को राज्यपाल बनाने का आश्वासन देकर लोकसभा के टिकट से वंचित कर दिया था। जोशी तो राज्यपाल बन नहीं पाए लेकिन कप्तान सिंह सोलंकी महामहिम जरूर बन गए।
5
6
इसमें सुशांत की बहन श्‍वेता सिंह कीर्ती, उनकी एक्‍स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे, सासंद सुब्रमण्यम स्वामी समेत कई लोग शामिल हुए।
6
7
महाभारतकालीन राजनीति में राजनीति की उपर्युक्त समस्त अर्हताएं श्रीकृष्ण के अतिरिक्त अन्य किसी महावीर अथवा महापुरुष में नहीं हैं।
7
8
भारत की दस्‍यू सुंदरी फूलन देवी की कहानी में यह सारे एंगल शामिल हैं।
8
8
9
हिंदुस्तान में तो दो ही राजा हुए हैं- एक मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम चन्द्र और दूसरे जगद्गुरु श्री कृष्ण। हिन्दुओं पर तो इन्हीं दोनों का राज चलता है। राजनिष्ठा तो अब इन्हीं के प्रति संभव है। भूमि और द्रव्य के ऊपर राज्य करने वाले कोई और हों किन्तु ...
9
10
राम संकीर्तन करना तथा राम के प्रति अगाध श्रध्दा रखने वाला यह समाज सनातन हिन्दू धर्म का वटवृक्ष है।
10
11
सालों गुज़र गए पर शोले फ़िल्म का शुरुआती दृश्य और उसके साथ जुड़ा संगीत लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं।
11
12
इस एक्टर को हिंदी सिनेमा में जो शोहरत मिली वो हर किसी को नसीब नहीं हुई।
12
13
शोधकर्ताओं का कहना है कि ये तत्व अवसाद, घबराहट और दौरे जैसी स्थिति के उपचार में प्रभावी हो सकते हैं।
13
14
60 से 70 के दशक में देश की लोकसभा में पहुंचे भारत की आजादी तथा समाजवादी आंदोलन के नेता डॉ. राममनोहर लोहिया ने लोकसभा में सवाल उठाया था कि भारत का गरीब साढ़े तीन आने रोज पर जिंदा है। बड़ा हल्ला मचा था। तत्कालीन सरकार ने तत्काल आंकड़ों का जोड़ बाकी ...
14
15
पांच अगस्त दो हज़ार बीस को सम्पूर्ण देश (और विश्व) के असंख्य नागरिकों ने भगवान राम के जिस चिर-प्रतीक्षित स्वरूप के अयोध्या में दर्शन कर लिए उसके बाद हमें इसे एक रथ यात्रा, एक लड़ाई, एक लम्बे संघर्ष का अंत मानते हुए अब किसी अन्य ज़रूरी काम में जुट ...
15
16
अयोध्या नगरी उस सभ्यता का प्रतीक एवं गौरव है जो सहस्रों वर्षों से समूचे विश्व को जीवन जीने का मार्ग दिखलाती है।
16
17
जीवन क्या है? क्या नहीं है? यह तय करना सरल भी है और चुनौतीपूर्ण! एक समझ यह भी है कि जीवन केवल जीवन है, उससे कम या ज्यादा कुछ भी नहीं। पर यह तो बात को बढ़ने ही नहीं देना है या शुरू होते ही खत्म करना है। जीवन सनातन होकर निरंतरता का एक ऐसा सिलसिला है, ...
17
18
उस वक्‍त के परासरण अपने घर पर परिवार के साथ टीवी पर राम जन्‍मभूमि का पूजन देखकर भावुक हो रहे थे।
18
19
दो समय काल में मोदी ने एक बार लोकतंत्र के मंदिर में साष्‍टांग किया था तो दूसरी बार अब भगवान राम के मंदिर ठीक वैसा ही किया।
19