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अत्याधुनिक होने को है भारत की सामरिक शक्ति

रविवार,अक्टूबर 13, 2019
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करवा चौथ और करक चतुर्थी पर्याय है। चन्द्रोदय तक‍ निर्जल उपवास रखकर पुण्य संचय करना इस पर्व की विधि है। चन्द्र दर्शनोपरांत सास या परिवार में ज्येष्ठ श्रद्धेय नारी को बायना देकर 'सदा सौभाग्यवती भव' का आशीर्वाद लेना व्रत साफल्य की पहचान है।
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हम में से ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान देते हैं, अच्छे खान-पान से शरीर की हर जरूरत को पूरा करते हैं जिससे कि शरीर स्वस्थ रहे और बीमार न पड़े। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर के अलावा आपके माइंड को भी आपकी केयर भी जरूरत हो सकती है?
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श्रीनगर में डाउनटाउन के बाद दूसरा सबसे तनावपूर्ण इलाका है सौरा। श्रीनगर से नौ किलोमीटर दूर यह अर्ध शहरी इलाका सुरक्षाबलों के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा और अनुच्छेद 35ए खत्म करने के ...
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आज जगजीत जी को हमसे बिछड़े लगभग एक दशक हो गया है पर वो मखमली आवाज आज भी हमारे खजाने का कोहिनूर है।
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वर्षों पुरानी परंपरा विजयादशमी पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए मनाया जाता है। शास्त्र कहते हैं कि रावण का दाह संस्कार नहीं हुआ था। इसलिए रावण का दहन करना एक परंपरा बन गई। हालांकि इस कलयुग में रावण दहन मात्र एक खेल सा बन गया है। अपने छोटे बच्चों ...
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11 अक्टूबर, 1902 को जन्मे जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। वे समाज-सेवक थे, जिन्हें ‘लोकनायक’ के नाम से भी जाना जाता है।
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दिनांक 7 अक्टोबर को देवी-विसर्जन के साथ ही 9 दिनों से चले आ रहे शारदीय नवरात्र समाप्त जाएंगे। हमारी सनातन परंपरा में विसर्जन का विशेष महत्व है।
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सुख-दु:ख का संबंध मन और शरीर से होता है जबकि आनंद का संबंध अंतरात्मा से होता है। आनंद अगर मिल जाए तो व्यक्ति उसे छोड़ना नहीं चाहेगा।
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मालिक और कर्मचारी एक-दूसरे के पूरक होते हैं और एक-दूसरे के बिना दोनों का ही कोई अस्तित्व नहीं होता है। कोई भी उद्योग, संस्थान, व्यवसाय, दुकान आदि है तो मालिक और कर्मचारी भी स्वाभाविक रूप से होंगे ही।
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प्रात:काल का समय मंगल का, शुभ का माना जाता है। हम में से लगभग हर दूसरे घर में सुबह स्नान कर भगवान की पूजा या नाम स्मरण अवश्य किया जाता है।
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वह जमाना गया, जब गरबा करते हुए केवल घाघरा-चोली व लहंगे ही पहने जाते थे। इस नवरात्रि अब युवा हर नए ट्रेंड को अपना रहे हैं। वे अब ऐसी ड्रेस खरीदना पसंद कर रहे हैं, जो उन्हें आगे भी कई दूसरे अवसरों पर काम आ सके। इसलिए वे ड्रेसेस को मिक्स और मैच करके ...
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'इंडिया दैट इज भारत' से मेरा राम-राम। आज फिर 2 अक्टूबर है। हर बरस आता है। बापू अपुन के दिमाग में एक बात बहुत तेजी से घूम रही है कि आज अगर तू होता तो पूरे 150 बरस का होता।
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ईश्वर यह नहीं देखता कि आप कितनी बार मंदिर गए? कितनी देर उसकी मूर्ति के समक्ष बैठकर विधि-विधान से उसकी पूजा की? कितने वर्षों तक उसके नाम पर व्रत-उपवास किए? बल्कि वह तो यह देखता है कि उसने जो
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नवरात्रि के शुरू होने के पहले ही इसके जश्न की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो जाती है और इसके बाद तो लगातार त्योहारों का सिलसिला बना ही रहता है। युवा लड़के-लड़कियां तो खासतौर से गरबा खेलने, गरबा देखने जाने के लिए और आने वाले सभी त्योहारों के लिए विशेष ...
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धर्म और समाज उन शक्तिशाली व्यक्तियों का समूह है जो वक्त के अनुसार अपने हित में नियम बनाते और तोड़ देते हैं, लेकिन उनके नियमों में कभी भी महिलाओं को प्राथमिकता नहीं दी जाती रही है और जब हम कानूनी व्यवस्था की बात करते हैं तो उसके अंतर्गत न्यायपालिका, ...
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नवरात्रि में भारतीय नारी एक अलग ही सजधज और रंग रूप में दिखाई देती है। भारतीय स्त्री का हर रूप अनूठा है, अनुपम है, अवर्णनीय है।
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आपने कभी गौर किया है कि हम सदा अपनी सुनाने में यकीन रखते हैं। अपने भीतर का उड़ेलने के लिए आतुर, आत्माभिव्यक्ति के लिए व्यग्र।
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संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना एक बहुत ही पवित्र परिकल्पना और सार्थक विचार के आधार पर हुई थी। संयुक्त राष्ट्र चार्टर 4 प्रमुख उद्देश्यों को निर्धारित करता है- दुनियाभर में शांति और सुरक्षा बनाए रखना। राष्ट्रों के बीच संबंधों को विकसित करना। आर्थिक, ...
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'मैं ही राष्ट्र को बांधने और ऐश्वर्य देने वाली शक्ति हूं। मैं ही रूद्र के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाती हूँ। धरती, आकाश में व्याप्त हो मैं ही मानव त्राण के लिए संग्राम करती हूं।'
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