mystery of aliens will be revealed: अमेरिका में वहां के राष्ट्रपतियों के लिए एक विशेष विमान है 'एयर फ़ोर्स वन'। वर्तमान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, अक्सर इसी विमान से यात्रा करते हैं और तब प्रायः पत्रकारों से बातचीत भी करते हैं। 19 फ़रवरी को, अमेरिकी राज्य जॉर्जिया जाने की एक ऐसी ही उड़ान के समय ट्रंप ने साथ के पत्रकारों से कई दिलचस्प विषयों पर बात की, जिनमें से दो प्रमुख खबरें बातचीत में हावी रहीं: पूर्व ब्रिटिश राजकुमार एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर की अस्थायी गिरफ्तारी और हमारी पृथ्वी से इतर भी जीवन होने के बारे में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का एक वक्तव्य।
ट्रंप ने कहा कि पूर्व राजकुमार एंड्रयू की संक्षिप्त गिरफ्तारी 'बहुत दुखद' थी। यह घटना 'शर्मनाक' और 'शाही परिवार के लिए बहुत बुरी है।' वेश्यावृत्ति करवाने वाले एपस्टीन की फाइलों में अपना भी नाम होने के बावजूद ट्रंप ने अपने आाप को 'पूरी तरह से निर्दोष' बताया। उल्लेखनीय है कि यौन दुराचार के गोरखधंधे से जुडी एपस्टीन फ़ाइलों में ट्रंप का नाम भी हज़ारों बार मिलता है, भले ही अब तक उनका कोई व्यक्तिगत कदाचार साबित नहीं हुआ है।
ट्रंप ने 'एयर फ़ोर्स वन' में, कथित तौर पर बहुत दूर के अन्य ग्रहों से आने वाले एलियंस (परग्रहियों) और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के उन से संबंधित बयानों पर विस्तार से बात की। ओबामा ने एक ही सप्ताह पहले एक पॉडकास्ट में एलियंस का जिक्र करते हुए कहा था: 'वे मौजूद हैं, लेकिन मैंने उन्हें देखा नहीं है।' उनके इन शब्दों ने काफी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए ओबामा ने इंस्टाग्राम पर इस विषय पर फिर से बात की।
ओबामा का पोस्ट
'आंकड़ों के हिसाब से, ब्रह्मांड इतना विशाल है कि वहां जीवन के होने की संभावना बहुत अधिक है,' ओबामा ने अपने पोस्ट में लिखा। 'लेकिन, सौर मंडलों के बीच की दूरियां इतनी अधिक हैं कि हमारे यहां बाहरी ग्रहों वाले जीवों के आने की संभावना बहुत ही कम है। अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान बाहरी ग्रहों के हमारे साथ संपर्क का कोई सबूत मैंने नहीं देखा है। सच में नहीं!'
ट्रंप ने ओबामा पर परग्रही प्राणियों के अस्तित्व से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगाया है। जॉर्जिया जाते समय ट्रंप ने विमान में पत्रकारों से कहा, 'उन्होंने (ओबामा ने) गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल किया...उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं है।' ओबामा ने 'बहुत बड़ी ग़लती' की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने खुद परग्रही प्राणियों के अस्तित्व का कोई सबूत देखा है, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब दिया, 'मुझे नहीं पता कि वे असली हैं या नहीं।'
एलियन संबंधित फाइलें जारी होंगी
बाद में, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथसोशल पर घोषणा कीः 'अत्यधिक रुचि को देखते हुए,' वे रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को 'परग्रही जीवन, अज्ञात हवाई घटनाओं और अज्ञात उड़न वस्तुओं तथा अन्य सभी सूचनाओं से संबंधित सरकारी फाइलों की पहचान करने और उन्हें जारी करने' का निर्देश देंगे। ट्रंप ने दावा किया कि ये फाइलें 'अत्यंत जटिल, लेकिन बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण विषयों' से संबंधित थीं। ट्रंप को अपनी इस घोषणा के लिए अमेरिका की दोनों मुख्य राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला।
उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी की महिला सांसद अना पॉलिना लूना ने लिखा, 'इन मुद्दों की जांच करने वाले टास्क फोर्स की अध्यक्ष के रूप में, मैं इस बात के लिए बेहद आभारी हूं कि आप यह काम कर रहे हैं! मैं देश की जनता के साथ सभी रिकॉर्डिंगें, तस्वीरें और रिपोर्टें देखने के लिए उत्सुक हूं।' वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के सेनेटर जॉन फेरमैन ने 'फॉक्स न्यूज़' को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह फैसला 'शानदार' है।
चौंकाने वाला कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के इस चौंकाने वाले कदम ने हलचल मचा दी है: उन्होंने अज्ञात उड़नशील वस्तुओं (UFO) और एलियन कहलाने वाले परग्रही प्रणियों से संबंधित गुप्त सरकारी दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने की घोषणा कर दी है। यही नहीं, ऐसा करते हुए उन्होंने अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा की कड़ी आलोचना भी की है। ट्रंप की इस घोषणा की सराहना के साथ-साथ यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि पारदर्शिता के इस कथित अभियान के पीछे क्या कुछ ठोस सांसारिक कारण भी हो सकते हैं?
समाचार एजेंसी 'एसोसिएटेड प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने 'एयर फ़ोर्स वन' में पत्रकारों से अपने सामान्य अंदाज़ में बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता कि एलियंस सचमुच होते हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने बराक ओबामा पर लापरवाही से 'गुप्त जानकारी' का खुलासा करने का आरोप लगाया। अपने विशिष्ट अंदाज़ में उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज़ों को औपचारिक रूप से जारी करने से 'ओबामा को अपनी विकट स्थिति से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।'
ओबामा का स्पष्टीकरण
इस सारे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि फ़रवरी के मध्य में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा दिए गए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू से जुड़ी है। जब उनसे सीधे तौर पर पृथ्वी से परे के परग्रही जीवन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने तीखे शब्दों में कहा: 'वे वास्तविकता हैं।' इसके तुरंत बाद, उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने इस बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मतलब ब्रह्मांड की विशालता को देखते हुए 'जीवन की सांख्यिकीय संभावना' से था। सौर मंडलों के बीच की अकूत दूरियों के कारण अन्य ग्रहों का भ्रमण असंभव-सा है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वयं वास्तविक परग्रही संपर्क का कोई सबूत नहीं देखा था।
डॉनल्ड ट्रंप द्वारा अज्ञात उड़नशील वस्तुओं (UFO) के विषय को इतनी प्रमुखता से उठाना कुछ राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चिंता का विषय भी बन गया है। अपार्थिव घटनाओं पर मीडिया का यह ध्यान एक ऐसे समय में केंद्रित हो रहा है, जब राष्ट्रपति ट्रंप एक अन्य मोर्चे पर भारी दबाव का सामना कर रहे हैं। वे जानते हैं कि हाल ही में सार्वजनिक किए गए एपस्टीन दस्तावेज़ों में हज़ारों बार उनका नाम आने से उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा उन पर नित नए और भी गंभीर आरोप लगते रहेंगे। ट्रंप एलिय़न और UFO जैसी दूर की बातें छेड़ कर वास्तव में जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं।
प्रकाशन की है लंबी प्रक्रिया
यह भी कहा जा रहा है कि यदि सरकारी दस्तावेज़ वास्तव में जारी किए भी जाते हैं, तो UFO प्रेमियों को निराशा ही हाथ लगेगी। इस समय जो कुछ एक शानदार सफलता जैसा प्रतीत होता है, वह वास्तव में अमेरिकी नौकरशाही के भीतर एक लंबी प्रक्रिया का शिकार बन सकता है। ट्रंप के आदेशों के बावजूद, दस्तावेजों की संवेदनशीलता, चल रहे सैन्य अभियानों और गोपनीयता विधियों का पालन करते हुए गहरी जांच होगी, जिसके परिणामस्वरूप भारी संपादन कार्य और परिणामों का चरणबद्ध प्रकाशन अनिवार्य हो जाता है।
कहा यह भी जा रहा है कि सार्वजनिक बहस में अक्सर दो बिल्कुल अलग-अलग विषयों को एक साथ मिला दिया जाता है। जहां एक ओर अमेरिकी गुप्तचर एजेंसियों के लिए अज्ञात अंतरिक्ष यान (UAP) मुख्य रूप से विमानन सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की गंभीर समस्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, उदाहरण के लिए विदेशी जासूसी ड्रोन इत्यादि का पता लगाना, वहीं दूसरी ओर अपार्थिव परग्रही जीवन की खोज एक वैज्ञानिक प्रयास है।
अंतरिक्ष में कहीं जीवन हो भी सकता है
अमेरिकी अंतरिक्ष अधिकरण 'नासा' का कहना है कि हमारे सौरमंडल से बाहर के अब तक 6,000 से अधिक बाह्यग्रहों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो चुकी है। हालांकि इससे अंतरिक्ष में कहीं जीवन होने की वैज्ञानिक संभावना बनती तो है, लेकिन हमारी पृथ्वी पर अंतरतारकीय यात्रियों के आने का कोई प्रमाण नहीं मिलता।
इसलिए, ट्रंप के सुझाव के आलोचकों का मानना है कि उनके द्वारा घोषित जानकारी से संभवतः वही बातें सामने आएंगी, जो आधिकारिक पारदर्शिता रिपोर्टों में पहले ही सामने आ चुकी हैं: प्रशासनिक ज्ञापन, संपादित सेंसर लॉग और ग़लत पहचान वाले मौसम-टोही गुब्बारों की रिपोर्टें। जनता की अथाह जिज्ञासा को शांत करने के लिए यह पर्याप्त होगा या नहीं, यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट हो जाएगा।
दूसरी ओर, अमेरिकी कांग्रेस (संसद) द्वारा पिछले वर्ष आयोजित एक सुनवाई में अमेरिकी सेनाओं के कुछ सदस्यों तथा कई विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और सांसदों ने भी यूएफ़ओ अवलोकनों को छिपाने, झुठलाने और दबाने की अब तक की नीतियों की खुलकर आलोचना की। उनका कहना था कि जनता को सब कुछ जानने का अधिकार है, लेकिन झूठ बोला जा रहा है, जनता को अंधेरे में रखा जा रहा है। इस सुनवाई में मांग की गई कि UFO और एलियन के अस्तित्व को एक वास्तविकता के तौर पर गंभीरता से लिया जाए। ऐसे अवलोकनों की सारी फ़ाइलें जनहित में सार्वजनिक की जाएं। देखना है कि बड़बोले ट्रंप द्वारा ऐसी फ़ाइलें सार्वजनिक करने की बहुचर्चित घोषणा के बाद फ़ाइलें सार्वजनिक होती भी है या नहीं!