suvichar
✕

मां की ममता पर कविता : मां, हर दिवस तेरा ही होता

Updated: गुरुवार, 11 मई 2023 (12:43 IST)
mothers day poem from daughter
माधवी जैन
माँ!!
 
मां, तू गर थोड़ा समझाती,
मां, गर थोड़ा तू घबराती।
तो अपने भविष्य की इबारत भी
अपने हाथों से लिख जाती।
 
हम नन्हे-नन्हे बच्चे थे।
मति के थोड़े कच्चे थे।
पर दिल के पूरे सच्चे थे।
 
तू तो अल्हड़, दीवानी थी।
सारी दुनिया से अनजानी थी।
तेरे पापा ने ब्याहा तुझको,
जब बचपन छोड़ ना पाई थी।
 
तेरे पापा के घर का वो वैभव,
पापा के घर की वो बेफ़िक्री !
पापा के घर की देहरी पर ही ,
उसे छोड़ तू आई थी।
 
हम सब की मां बनी थी तू,
सब को निश्च्छल ही बड़ा किया।
लेकिन, भविष्य की आहट को,
न सुना कभी,न गुनने दिया।
 
जो कह जाती संघर्ष तेरे,
जो संघर्ष तेरे,हम पढ़ लेते।
तो, संघर्ष हमें नहीं चुनते,वरन,
अपने संघर्षों को हम चुनते।
 
फिर, दूर बैठ, न फ़िक्र तुझे,
न तेरी फ़िक्र ही हम करते।
तब हर दिवस तेरा ही होता,
और तेरे हर दिन में हम होते।
बस खुशी-खुशी, अपने हिस्से की
कामयाबियां हम सब गिनते।
ALSO READ: मां पर बेस्ट कविता : मां तू कहां समझ में आती है?

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

World Sight Day: क्‍यों मनाते हैं विश्व दृष्टि दिवस? जानिए इसका महत्‍व और इतिहास

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस? जानें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत का इतिहास

अगला लेख