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मकर संक्रांति 2025: पतंग उड़ाने से पहले जान लें ये 18 सावधानियां

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 7 जनवरी 2025 (15:47 IST)
Kite Festival 2025 Information: वर्ष 2025 में मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी को मनाया जा रहा है। यह काइट फेस्टिवल का पर्व भी है। यह त्योहार भारतभर में पतंगबाजी और तिल-गुड़ के पर्व के रूप में जाना जाता हैं। यह खुशियों का पर्व होने के कारण यदि आप मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ जरूरी सावधानियां अवश्य ही बरतना चाहिए। इतना ही नहीं आप भी पतंगबाजी करते समय ध्यान न रखने के कारण छत पर से गिर भी सकते हैं।ALSO READ: क्या मकर संक्रांति से दिन बड़े होने लगते हैं? जानें क्या कहता है विज्ञान
 
Highlights
आइए जानते हैं यहां इस खास लेख के माध्यम से आपको पतंग उड़ाते समय किन-किन बातों की साव‍धानियां रखनी चाहिए...ALSO READ: वर्ष 2025 में मकर संक्रांति कौन से वाहन पर सवार होकर आ रही है, क्या रहेगा उसका प्रभाव?
 
1. घर के छोटे बच्चों को हमेशा से मांझे से दूर रखें और पतंग उड़ाते समय उनका विशेष ध्यान रखें।
 
2. चाइना की डोर का प्रयोग पतंग उड़ाने के लिए कतई न करें। इसके स्थान पर स्वदेशी सूत के मांझे का प्रयोग करें। 
 
3. हमेशा छत पर सुरक्षि‍त जगहों/ स्थानों पर ही खड़े होकर पतंग उड़ाएं। 
 
4. मांझा तैयार करने में कभी भी सरस, बल्ब का चूरा और नीला थोथा आदि उपयोग में न लाएं, यह सभी जीवों के लिए घातक है। इससे पक्षियों के साथ इंसान की भी जान जा सकती है।
 
5. यदि पतंग उड़ाते समय आपके मांझे की रील किसी ओर के हाथ में हैं, तो मांझा पकड़ने वाले और पतंग उड़ाने वाले में सही तालमेल बनाकर रखें।
 
6 पतंग उड़ाते समय छत पर मुंडेर का विशेष ध्यान रखें, जरा सा ध्यान चूकने से अनहोनी हो सकती है। यदि हो सके तो खुले मैदान में जाकर पतंगबाजी का आनंद लें। 
 
7. कोई भी पक्षी पतंग के धागे से टकराकर घायल न हो, इसका ध्यान रखें, क्योंकि चाइना डोर का इस्तेमाल यहां खतरनाक होता है।
 
8. हर साल बढ़ते पतंगबाजी के कारण आकाश में उड़ने वाले पक्षियों के मरने की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, उनके पंख मांझे में उलझ कर कट जाते हैं और उनकी मृत्यु हो जाती है। और वे अपनी जान गंवा देते हैं। अत: सावधानी बरतें। 
 
9. कहीं भी पतंग के अटकने पर ज्यादा जोर से न खींचे, इससे किसी को नुकसान भी पहुंच सकता है।ALSO READ: Makar Sankranti : कैसा रहेगा वर्ष 2025 में मकर संक्रांति का पर्व
10 पतंग कभी भी तेज धूप में उड़ाएं, इससे चक्कर आने जैसी समस्या तथा सेहत संबंधी अन्य परेशानी हो सकती है। 
 
11. कभी भी सड़क पर चलते समय रास्ते में मांझा तैयार न करें। इससे किसी भी वाहन चालक की जान का खतरा बन सकता है। 
 
12. कभी भी टूटी पतंग लूटने के चक्कर में पतंग पकड़ने के लिए सड़क पर ना निकलें, इससे आपकी तथा किसी अन्य की दुर्घटना होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। 
 
13. तेज धूप में सूर्य की सीधी किरणें आंखों और त्वचा के लिए अत्यंत हानिकारक होती हैं, अत: पतंग उड़ाते समय गॉगल या संरक्षक चश्मा अवश्य पहनें। साथ ही  त्वचा पर अच्छे प्रकार का सनस्क्रीन जरूर लगाएं। 
 
14. चाइना डोर या तीखे मांझे से किसी का भी हाथ-पैर या गर्दन भी कट सकती है, अत: इस बात का खास ध्यान रखें कि पतंग का मांझा किसी से टकराने न पाए। 
 
15. फटी पतंग की डंडियों से आंखों को बचाएं। फटी पतंग तुरंत डस्टबीन में डालें।
 
16. पतंग उड़ाने समय हाथों में दस्ताने पहनें। यदि यह संभव नहीं है तो अंगुली आदि कट जाए तो तुरंत हल्दी का लेप लगाएं या गहरा घाव हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
 
17. हर साल संक्रांति पर सैकड़ों बच्चे छत से गिर कर जान गंवा देते हैं, क्योंकि आकाश में उड़ रही पतंग पर अधिक ध्यान होने से बच्चे छत से गिर जाते हैं। अत: सतर्कता बरतें। 
 
18. जब पतंग आसमान से टूटकर सड़क पर आकर गिरती है, तो इससे कई लोग घायल हो जाते हैं। उनकी गर्दन कट जाती है, पैरों या गाड़ी के पहिए में मांझा आकर फंस जाता है, यदि आपको भी कुछ ऐेसा दिखाई दें, तो तुरंत जाकर उनकी मदद करें। 
 
इस तरह की खास सावधानियां बरतते हुए आप पतंगबाजी का आनंद लें। मकर संक्रांति खुशियों का पर्व है, अत: सबकी सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखना आपकी, हमारी तथा सभी की जिम्मेदारी हैं, इसे समझे और समय रहते आवश्‍यक कदम उठाएं, ध्यान रहे कोई भी घायल ना हो, किसी की भी जान न जाएं। ताकि पतंगबाजी का उत्साह कम न हो।ALSO READ: मकर संक्रांति उत्तरायण पर पतंग उड़ाने का कारण और महत्व
 
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