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Jharkhand election : चतरा को आज भी है ‘विकास’ का इंतजार

Updated: बुधवार, 27 नवंबर 2019 (21:27 IST)
चतरा। आजादी के कई बसंत बीत जाने के बाद भी झारखंड का चतरा जिला आज भी न केवल बुनियादी सुविधाओं से वंचित है बल्कि यहां आज तक न तो समुचित शिक्षा की व्यवस्था हो पाई और न ही स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और यातायात आदि जैसे मूलभूत सुविधाएं बहाल हो सकी है।
 
करीब 28 साल पहले जिला बने चतरा की स्थिति यह है कि शाम ढलते ही यह टापू में तब्दील होकर रह जाता है। रोजगार के समुचित साधन नहीं होने के कारण जिले के लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। वर्ष 1952 के प्रथम आम-चुनाव से लेकर अब तक 14 विधायक देख चुकी इस क्षेत्र की जनता को आजतक किसी ने विकास का मरहम नहीं लगाया। चतरा विधानसभा क्षेत्र में जनता पार्टी के चार और भाजपा के 5, कांग्रेस के 3 एवं राजद के 2 विधायकों को क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल चुका है।
 
चतरा विधानसभा क्षेत्र के तहत कुल 5 प्रखंड आते हैं। चतरा मुख्यालय के अलावा कान्हाचट्टी, हंटरगंज, प्रतापपुर एवं कुन्दा प्रखंड शामिल हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 372397 है, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 177320 एवं पुरुष मतदाताओं की संख्या 195075 हैं। वहीं, मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 475 हैं। 
 
झारखंड में इस बार के विधानसभा चुनाव में कुल 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के जनार्दन पासवान, राजद से सत्यानंद भोक्ता, झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) से तिलेश्वर राम, बसपा के गौतम रविदास, जदयू से केदार भुईयां, माकपा से नरेश राम भारती, नागरिक अधिकार पार्टी से कौलेश्वर कुमार भोक्ता, राष्ट्रीय जनसंभावाना पार्टी के संदीप कुमार तथा कृष्णा रविदास के नाम शामिल हैं। 
 
इस बार चतरा विधानसभा का चुनाव काफी रोचक है। इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और राजद के बीच सीधी टक्कर की संभावना है। वैसे लड़ाई को त्रिकोणीय करने का प्रयास झाविमो प्रत्याशी तिलेश्वर राम कर रहे हैं।
 
इस बार सबसे खास बात यह है कि प्रमुख उम्मीदवार दल-बदल कर मैदान में उतरे हैं, जहां एक ओर भाजपा से दो बार विधायक एवं मंत्री रहे सत्यानन्द भोक्ता राजद प्रत्याशी के रूप में अपने भाग्य की आजमाइश कर रहे हैं, वहीं राजद से दो बार विधायक रहे जनार्दन पासवान इस बार राजद का दामन छोड़ भाजपा के टिकट से चतरा विधानसभा से चुनावी बैतरनी पार करने में लगे हैं।
 
इधर चुनाव में जीत दर्ज करने को लेकर सभी दलों द्वारा प्रचार-प्रसार का काम भी अपने चरमोत्कर्ष पर है। वहीं, मतदाताओं को रिझाने के लिए स्टार प्रचारकों का भी चतरा विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण का दौर प्रारंभ हो चुका है। इन स्टार प्रचारकों में अब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित साह, झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष एवं राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव तथा झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन इस क्षेत्र में अपनी दस्तक दे चुके हैं। 
 
दूसरी ओर जहां तक यहां के मतदाताओं के मुद्दे का सवाल है, उन पर आज तक किसी भी जनप्रतिनिधिओं द्वारा उनकी समस्याओं की ओर सकारात्मक ध्यान नहीं दिया गया।

जिले में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का आज भी घोर अभाव है, जो यहां के लोगों के लिए मुख्य मुद्दे हैं। 
 
आवागमन के दृष्टिकोण से भी काफी पिछड़े इस जिले के लोगों की आज भी रेल सेवा से जोड़ने की एक चिर-प्रतीक्षित मांग काफी पुरानी है।

इस वर्ष मतदाता सूची में जुड़े कई नए मतदाता भी पहली बार अपना बहुमूल्य वोट का इस्तेमाल कर इस लोकतंत्र के महापर्व का गवाह बनेंगे, जिसको लेकर उनमें खासा उत्साह है।

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