सरस्वती शिशु मंदिर को लेकर बयान देने वाले दिग्विजय सिंह पर FIR की मांग,बोले गृहमंत्री जांच के करेंगे फैसला

Digvijay Singh
Author विकास सिंह| पुनः संशोधित मंगलवार, 28 सितम्बर 2021 (15:32 IST)
भोपाल। पर विवादित बयान देने वाले दिग्विजय ‌सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। भोपाल में सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र के खिलाफ खुलकर विरोध में आ गए वहीं प्रदेश के गृहमंत्री ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए है।
प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के बयान की निंदा करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपनी तुष्टिकरण की सियासत में अब बच्चों को भी घसीट लिया‌ है। गृहमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय बाल आयोग के दर्ज कराने के पत्र पर सरकार परीक्षण करा रही है और जांच की रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि "चचाजान को अगर सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्यों से इतनी परेशानी है तो मदरसे में मुदर्रिस बन जाए और वहां देशभक्ति का पाठ पढाएं"।

दिग्विजय सिंह के खिलाफ के लिए आवेदन-
वहीं दूसरी ओर आज राजधानी भोपाल में सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जहांगीराबाद थाने में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की शिकायत की। थाने पहुंचे छात्रों ने कहा कि देश भर में 25 हजार से ज्यादा शिशुमंदिर संचालित हो रहे है और इन स्कूलों में राष्ट्रीयता का पाठ पढ़ाया जाता है न की आतंकवादी प्रशिक्षण। पूर्व छात्रों ने दिग्विजय सिंह से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। वहीं पुलिस ने पूरे मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया।
राष्ट्रीय बाल आयोग ने DGP को लिखा पत्र- वहीं दिग्विजय सिंह के बयान पर राष्ट्रीय बाल आयोग ने सख्त तेवर अपना लिया है। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने डीजीपी विवेक जौहरी को पत्र लिखकर दिग्विजय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने को कहा है। आयोग ने सात दिन के अंदर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।

क्या है पूरा विवाद- दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिसंह ने भोपाल में एक कार्यक्रम में कहा था कि सरस्वती शिशु मंदिर बचपन से लोगों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोते है। वहीं नफरत का बीज धीर-धीरे आगे बढ़क देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ता है। सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते है।




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