ganesh chaturthi

6 माह से चल रही थी नीमच जेल से फरार होने की योजना

Updated: शुक्रवार, 28 जून 2019 (22:33 IST)
नीमच। एमपी के पश्चमी छोर पर राजस्थान से लगे नीमच जिले की कनावटी उपजेल ब्रेक की घटना में शुक्रवार को एक बड़ा खुलासा तब हुआ, जब जेल ब्रेक कर भागे 4 कैदियों में से एक लेखराम बावरी और एक अन्य सहयोगी मिट्ठूलाल को एमपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
 
इन दोनों ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि जेलब्रेक की योजना पिछले 6 माह से चल रही थी और जेल में मोबाइल हील वाली चप्पल के सोल में छुपाकर लाया गया। वहीं अन्य कैदियों को नींद में सुलाने के लिए 160 गोलियां नींद की जेल में आईं जिसे छाछ में मिलाकर कैदियों को पिलाया गया।
 
इस संबंध में खास बातचीत करते हुए एसपी राकेश कुमार सगर ने बताया कि बीती दरमियानी रात एमपी पुलिस टीम ने जेल ब्रेक कर फरार हुए 4 कैदियों में से एक लेखराम बावरी निवासी मल्हारगढ़ जिला मंदसौर और एक अन्य सहयोगी मिट्ठूलाल को एमपी-राजस्थान की सीमा पर ग्रामीणों के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया। इसने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले राज उगले। जिससे पता चलता है कि मालवा की जेलों में ड्रग डीलरों का साम्राज्य स्थापित है।
 
एसपी सगर ने बताया कि गिरफ्तार हुए कैदी लेखराम बावरी ने बताया कि जेल ब्रेक की योजना पिछले 6 माह से बनाई जा रही थी जिसके लिए हील वाली चप्पल के सोल में छुपाकर मोबाइल जेल में लाया गया, वहीं अलग-अलग सामानों में छुपाकर कटर भी जेल में लाया गया। इस कटर से जेल बैरक के मोटे सरियों को काटने में 2 दिन लगे।
 
वहीं लेखराम ने बताया कि सरियों को काटने का काम रात को चलता था जिसकी आवाज सुनकर अन्य कैदी जाग न जाए, इसके लिए जेल में 160 नींद की गोलिया लाई गईं। इसे छाछ में मिलाकर अन्य कैदियों को 2 दिन तक पिलाया गया ताकि वे आवाज सुनकर उठें नहीं। फरार कैदी लेखराम बावरी ने पुलिस को यह भी बताया कि पहले उसका बैरक नंबर 10 था जिसे उसने पैसे देकर 11 करवाया ताकि बाकी अन्य कैदियों के साथ वह भी भाग सके।
 
गौरतलब है कि 22 और 23 जून की मध्‍यरात्र‍ि जिला जेल कनावटी से गंभीर अपराधों की सजा काट रहे 4 कैदी जेल की सलाखें काटकर फरार हो गए थे। इस मामले की जानकारी जैसे ही पुलिस को लगी तो पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था।
 
इसके बाद पुलिस कप्‍तान राकेश कुमार सगर ने मामले को गंभीरता से लिया और चारों आरोपियों की तलाश के लिए 10 टीमों की गठन किया। गठन के बाद टीम आरोपियों की तलाश छोटी सादड़ी, बडी सादड़ी व उदयपुर सहित 10 से अधिक जगहों पर आरोपियों की तलाश लगातार कर रही थी।
 
इसके बाद गुरुवार रात करीब 12 बजे आरोपी लेखराम बावरी बिना नंबर की बाइक से अपने ग्राम चंदवास के लिए देवली के जंगलों से निकला था। इस दौरान ग्राम परासली, थाना जीरन में सैनिक अलवंत सिंह सभी ग्रामीणों के साथ गश्त कर रहा था।
 
उसी दौरान अजनबी युवक को देख आरोपी लेखराम को रोका गया तो वह बाइक छोड़कर भाग गया जिसके बाद ग्रामीणों ने लेखराम को दौड़कर पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने बिना नंबर की बाइक और 1800 रुपए नकद जब्‍त किए, साथ ही पुलिस ने आरोपी लेखराम से एक मोबाइल भी जब्‍त किया।
 
पुलिस को यह जानकारी पहले से ही थी कि जेल ब्रेक मामले में मिट्ठूलाल उर्फ लंगड़ा पिता उदयलाल बावरी भी इस घटना को अंजाम देने में शामिल है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम का गठन किया। इसके बाद इस टीम को मुखबिर की सूचना मिली तो टीम ने भीलवाडा व गंगराड़ के बीच राजस्‍थान के हमीरगढ़ इलाके से मिट्ठु को गिरफ्तार कर लिया।
 
पुलिस कप्‍तान के नेतृत्‍व में जब टीम ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो उन्‍होंने बताया कि उनके साथ प्रहरी ईश्‍वर, वीरेंद्र के साथ पंकित शर्मा भी शामिल था। इन्‍होंने 8-8 पत्‍ते कर नींद की कुल 160 गोलियां मुलाकात के दौरान बनी जाली में से बबलू बावरी व विनोद डांगी द्वारा पहुंचाई थीं जिसके बाद जेल के पीछे खेत में 2 दिन पहले विनोद डांगी और बबलू बावरी द्वारा भागने में इस्‍तेमाल रस्‍से को पहुंचा दिया गया।
 
घटना की रात 3 अलग-अलग बाइकों से अलग-अलग स्‍थानों से जेल के पीछे बबलू, रामनारायण, अंकित, विनोद डांगी व मिट्ठू खेत में पहुंचे थे और बनाए गए प्‍लान के मुताबिक ही जेल में लेखराम बावरी, पंकज बावरी, नाहरसिंह बावरी व दुबेलाल धुर्वे को फरार कराकर घटना को अंजाम दिया था।
 
कनावटी जेलब्रेक के मामले में अब तक विनोद डांगी पिता दारासिंह डांगी (24) निवासी सुआखेड़ा (घटना का मास्‍टरमाइंड), ईश्‍वरचंद्र पिता परसराम जाटव (26) निवासी उत्‍तमपुरा पड़ाव जिला मुरैना (जेल प्रहरी), विजेंद्र पिता रामजीलाल धाकड़ (32) निवासी मामचौन थाना पहाड़गढ़ जिला मुरैना (जेल प्रहरी), पवन धाकड़ पिता मांगीलाल धाकड़ (कैदी), रामप्रसाद पिता चंपालाल बलाई (कैदी), लेखराम पिता रमेशन बावरी (26) निवासी चंदवास थाना मल्‍हारगढ़, मिट्ठूलाल पिता उदयलाल बावरी (35) निवासी नाराणी थाना छोटी सादड़ी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
 
जबकि नाहरसिंह पिता बंशीलाल बावरी निवासी गणेशपुरा जिला उदयपुर, बबलू पिता बंशीलाल बावरी निवासी गणेशपुरा जिला उदयपुरा, दुबेलाल धुर्वे पिता दशरथ धुर्वे 19 निवासी बिलगांव जिला मंडला, कंवरलाल पिता केशूराम बावरी निवासी भंमोरा थाना छोटी सादड़ी, रामनारायण बावरी पिता ओंकार बावरी निवासी नलवाई थाना छोटी सादड़ी, अं‍कित पिता प्रेमचंद्र बावरी निवासी गुमाना थाना छोटी सादड़ी, पंकज पिता रामनारायण बावरी निवासी नलवाई थाना बड़ी सादड़ी की गिरफ्तारी होना बाकी है। जिनकी तलाश में पुलिस की 10 टीमें एमपी, राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में दबिश दे रही हैं।
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