MP PSC के अफसरों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट में FIR दर्ज, विधानसभा में भी गूंजेगा मामला

Author विकास सिंह| Last Updated: गुरुवार, 16 जनवरी 2020 (10:11 IST)



मध्यप्रदेश पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में भील समाज को लेकर पूछे गए विवादित प्रश्न और आदिवासियों के अपमान का मुद्दा गर्माता जा रहा है। आदिवासियों के अपमान के मुद्दे को लेकर जयस की तरफ इंदौर के अजाक्स थाने में लोक सेवा आयोग के अफसरों के खिलाफ के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने जयस की तरफ से रवि बघेल की शिकायत पर अनुसूचित जाति-जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम की धारा 3 (1) द और 3 (1) यू में केस दर्ज किया गया है। 12 जनवरी को पीएससी के प्रारंभिक परीक्षा में भील आदिवासी समुदाय पर विवादित टिप्पणी की गई थी जिसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने पीएससी के अफसरों के खिलाफ दर्ज करने की मांग की थी।
विधानसभा में गूंजेगा मामला- वहीं पीएससी की परीक्षा में पूछे गए विवादित प्रश्न और भील समाज के अपमान का मुद्दा विधासभा के आज गुरुवार से शुरू हो रहे 2 दिन के विशेष सत्र में गूंज सकता है। जयस के राष्ट्रीय संरक्षक और कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को पत्र लिखकर पूरे मामले पर विधानसभा में चर्चा की मांग की है।
अपने पत्र में कांग्रेस विधायक ने मांग की है कि राज्य सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में भील जनजाति के संबंध में दुष्चित्रण कर भील जनजाति के सम्मान को ठेस पहुंचाने पैराग्राफ पर विधानसभा में चर्चा कराई जाए। कांग्रेस विधायक ने अपने पत्र में कहा कि इस पूरे विवाद से भील समुदाय के लोगों के मान-सम्मान को गहरा आघात पहुंचा है और उनमें आक्रोश व्याप्त है, जो कभी भी गंभीर रूप ले सकता है।
उन्होंने भील जनजाति के संबंध में कही गई बातों को पूर्वाग्रह से ग्रसित बताते हुए इसे संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताते हुए विधानसभा के 2 दिन के सत्र में इस पर चर्चा कराने की मांग की है।


और भी पढ़ें :