शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में शामिल होंगे ‘महाराज’ सिंधिया के ये ‘नौरत्न’!, सिंधिया- शिवराज मुलाकात आज संभव

आज पीएम मोदी से मिलेंगे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh and Jyotiraditya Scindia
Author विकास सिंह| Last Updated: सोमवार, 29 जून 2020 (10:07 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल का को लेकर तैयारियां तेज हो गई है, दिल्ली से नामों पर अंतिम मोहर लगने के बाद मंगलवार को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। रविवार को दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।

दिल्ली में नामों पर ‘महामंथन’- मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची लेकर दिल्ली गए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की।

रविवार शाम दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देर रात तक दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात करते रहे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत भी दिल्ली गए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दिल्ली से वापस भोपाल लौटेंगे।
विस्तार में सिंधिया के ‘नौरत्नों’ को मिलेगी जगह ! -
उपचुनाव से पहले होने वाले के इस पहले बड़े विस्तार में सबकी निगाहें इस बात पर लगी हैं कि सिंधिया खेमे के कितने नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा। जिन सिंधिया सर्मथक विधायकों की बगावत के चलते प्रदेश में भाजपा सरकार बनी हैं उन नेताओं को कितनी बड़ी संख्या में मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है इसको लेकर अटकलों को बाजार गरम है।
शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी और इमरती देवी को जगह मिलना पहले से तय हैं, इसके साथ शिवराज मंत्रिमंडल में पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह, हरदीप सिंह डंग, एंदल सिंह कंसाना, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और कमलेश जाटव या रणवीर जाटव में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात कर सकते है।
मंत्रिमंडल विस्तार में कई चुनौतियां - रविवार देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के घर हुई बैठक में उपचुनाव और सिंधिया खेमे के नामों को लेकर खासा मंथन हुआ। उपचुनाव से पहले होने वाले कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना मुख्यमंत्री शिवराज के सामने बड़ी चुनौती हैं, इसके साथ पार्टी के पुराने नेताओं के साथ सांमजस्य बनाकर नई पीढ़ी के नेताओं को आगे लाने की केंद्रीय हाईकमान की रणनीति को आगे बढ़ाने का दबाव भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर है।




और भी पढ़ें :