मध्यप्रदेश में मनरेगा में दीपिका ने की मजदूरी,जैकलीन ने खोदे गड्ड़े !

कोरोनाकाल में मनरेगा में भष्टाचार का बड़ा खुलासा

Author विकास सिंह| पुनः संशोधित शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020 (18:12 IST)
कोरोनाकाल में में पिछले छह महीनों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजूदरों के वापस के वापस आने के बाद सरकार ने इन प्रवासी मजूदरों को रोजगार देने के लिए पूरा ध्यान मनरेगा कार्यक्रम पर लगाया। इस दौरान मनरेगा में रोजगार देने के लिए करोड़ों के काम किए गए लेकिन इन पैसों की किस तरह बंदरबांट हुई इसका खुलासा जिले में हुआ है।

जिलों प्रवासी मजूदरों को रोजगार देने के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा है। मनरेगा के जरिए अपनी जेब गर्म करने के लिए फर्जी जॉबकार्ड पर फिल्मी एक्टर के फोटो लगाकर बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। जिले के झिरन्या जनपद के ग्राम पंचायत पीपरखेड़ नाका में मोनू शिवशंकर नाम के युवक के जॉबकार्ड पर फिल्मी हिरोइन दीपिका पादुकोण का फोटो लगाया है। इसी तरह अन्य में फिल्म अभिनेत्री जैकलीन के फोटो
लगाए गए है।


फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले गांव के युवक मनोज का कहना है कि उसके पास 60 बीघा जमीन है और कभी भी मनरेगा में मजदूरी करने नहीं गया। उसके नाम का गलत उपयोग कर सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने तीस हजार रुपए निकाल लिए। अब इस फर्जीवाड़े की शिकायत मनोज ने अधिकारियों से की है। गांव वालों का कहना है कि गरीबों के हक को मारकर सरकार का सारा पैसा अफसरों की जेब में जा रहा है।

गांव वालों का आरोप है कि मनरेगा में फर्जी जॉबकार्ड बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। जिले में कई तहसीलों की पंचायतों में फर्जी जॉब कार्ड बनाने का गोरखधंधा चल रहा है। मनरेगा में काम करने वाले जिन जॉबकार्ड मजदूरों की मृत्यु हो जाती है। उनके मुखिया के नाम से नया जॉब कार्ड बनाया जाता है। उसमें उनके परिवार के सदस्यों के नामों की जगह फर्जी लोगों के नाम की एंट्री की जा रही है ।


पूरे मामले पर हल्ला मचने पर जिला पंचायत सीईओ ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए सात दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत तलब की है। मनरेगा में मजदूरी के भुगतान को खरगौन पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर रहने का पुरुस्कार हासिल कर चुका है वहीं जिस जनपद में घोटाला सामने आया है उसको छठा स्थान मिला है।



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