biodatamaker
✕

सबसे तेज, मासूम के बलात्कारी को मात्र 22 दिन में फांसी की सजा

Updated: शनिवार, 12 मई 2018 (17:33 IST)
इंदौर। चार माह की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या करने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को जिला कोर्ट ने शनिवार को फांसी की सजा सुनाई है। संभवत: यह पहला मामला है ‍जब अदालत ने रेप के मामले में इतनी जल्दी फैसला दिया हो और फांसी की सजा सुनाई हो। 
 
गौरतलब है कि गत 20 अप्रैल को इंदौर के राजबाड़ा क्षेत्र में 25 वर्षीय व्यक्ति मां के पास सो रही चार माह की बच्ची को उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया बाद उसकी हत्या कर दी। 
 
गुरुवार को अंतिम बहस में अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से आरोपी को मृत्युदंड देने की गुहार करते हुए कहा था कि 29 गवाहों के साक्ष्यों से यह साबित है कि घटना विरल से विरलतम है। अपर सत्र न्यायाधीश वर्षा शर्मा के समक्ष मात्र सात दिन चली ट्रायल में कोर्ट ने बचाव पक्ष को गुरुवार को साक्ष्य पेश करने को कहा था। हालांकि साक्ष्य पेश नहीं किए गए। 
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से गुहार करते हुए कहा आरोपी को फांसी की सजा सुनाई जाए। शेख ने बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामलों में फांसी की सजा संबंधी सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत भी पेश किए जिनमें फांसी की सजा की पुष्टि की गई है।
 
यह था पूरा मामला : राज्य शासन द्वारा नियुक्त विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम शेख ने अंतिम तर्क में कहा कि आरोपी नवीन उर्फ अजय गड़के की पत्नी रेखा मृत बच्ची के पिता की मौसी है। आरोपी की अपनी पत्नी से अनबन चल रही थी। आरोपी चाहता था कि बच्ची की मां पत्नी से समझौता करवा दे। हालांकि बच्ची की मां ने इसके लिए मना कर दिया था।
 
19 अप्रैल 2018 की रात में आरोपी शराब लेकर बच्ची की नानी के पास पहुंचा था। मना करने पर आरोपी बोतल फेंककर चला गया था। 20 अप्रैल की तड़के चार बजे वह माता-पिता के पास सोई बच्ची को उठाकर श्रीनाथ पैलेस बिल्डिंग के तलघर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे ऊपर से फेंक दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई थी।
इस तरह चला घटनाक्रम : घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। कलेक्टर निशांत वरवड़े ने शासन की ओर से पैरवी के लिए जिला लोक अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया। एसआईटी के प्रमुख और थाना प्रभारी शिवपालसिंह कुशवाह ने अनुसंधान कर सातवें दिन 27 अप्रैल को चालान पेश कर दिया।
 
28 अप्रैल को अभियोजन पक्ष ने 34 गवाहों की सूची के साथ ट्रायल प्रोग्राम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 1 मई से ट्रायल (गवाहों के साक्ष्य) शुरू किए और मात्र सात दिन में 8 मई को 29 गवाहों के साक्ष्य पूरे कर ट्रायल पूरी की, जो संभवत: इतने गवाहों के बयान की सबसे कम अवधि है।

PM मोदी को आया पीएम नेतन्याहू का फोन, कैप्टन मच्छार के साथ इजराइल आने का दिया न्योता, किन मुद्दों पर हुई चर्चा

Electric Scooter : क्या बीएमडब्ल्यू ला रहा है सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, भारत में दर्ज कराया स्कूटर कॉन्सेप्ट का डिजाइन पेटेंट

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर की एंट्री, शेयर किया अपने संस्मरण 'बिलॉन्गिंग' का पहला वीडियो

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्र ने सख्त किए नियम, दर्शन से लेकर चढ़ावे तक होगी कड़ी मॉनिटरिंग

क्या है इस्लामी कानून का ‘ताज़ीर’ नियम? जिसके तहत मक्का की मस्जिद में 'अनैतिक कृत्य' पर 2 बांग्लादेशियों को मिली मौत की सजा!

LAC : अरुणाचल में भारत-चीन सेना फिर आमने-सामने? ITBP प्रमुख के बयान के बाद विदेश मंत्रालय का आया बड़ा बयान

क्या विज्ञान सच कर रहा है अलकेमिस्ट्स का सपना? पारे से लैब में बना सोना, जानिए क्यों नहीं गिरेंगे मौजूदा दाम

Bhupendra Patel : भूपेंद्र पटेल ने रचा इतिहास, विजय रूपाणी को पीछे छोड़ गुजरात के चौथे सबसे लंबे कार्यकाल वाले CM बने

बिहार के सीवान में दर्दनाक हादसा, पटाखा कारोबारी के घर में भीषण धमाका, 4 की मौत और कई घायल, बचाव कार्य जारी

गलत अधिकारी जिम्मेदार पद पर बैठा तो खैर नहीं, CM योगी ने ACR और प्रमोशन को लेकर की 3 बड़ी घोषणाएं

अगला लेख