जासूसी की झूठी कहानी देश को बदनाम करने की साजिश,बोले शिवराज, जासूसी कांग्रेस का पुराना इतिहास

Author विकास सिंह| Last Updated: मंगलवार, 20 जुलाई 2021 (20:05 IST)
भोपाल। पेगासस जासूसी कांड पर लगातार दो दिन संसद में विपक्ष के हंगामे के बाद अब भाजपा पूरी ताकत के साथ विपक्ष पर हमलावर हो गई है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र से ठीक पहले पूरे मामले के सामने आने पर सवाल उठाते कांग्रेस को जमकर घेरा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पेगासस स्पाइवेयर से जासूसी कराने का मामला देश विरोधी ताकतों और कांग्रेस की भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की गहरी साजिश है। उन्होंने कहा कि जासूसी कराने का कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। कांग्रेस खुद अपने नेताओं और सहयोगियों की जासूसी और फोन टेप कराती आयी है। इसलिए वह केन्द्र सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेगासस मामले में कांग्रेस झूठी कहानी गढ रही है। पेगासस की निर्माता कंपनी एनएसओ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके ज्यादातर ग्राहक पश्चिमी देशों से है, तो इस मामले में भारत को निशाना क्यों बनाया जा रहा है ? यह झूठ की बुनियाद पर रची गयी कहानी है, क्योंकि इस मामले में भारत सरकार से जोड़ने का एक भी साक्ष्य नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली, गौरवशाली और समृद्धशाली भारत का निर्माण हो रहा है, जिसे कुछ विदेशी ताकतें और कांग्रेसी पचा नहीं पा रहे है इसलिए संसद के मानसून सत्र के पहले इस मामले को सामने लाया गया, ताकि देश के विकास के लिए इस सत्र में लाए जाने वाले 17 विधेयक प्रस्तुत न हो सके और गरीब, पिछड़े, महिलाओं और देश के अलग अलग वर्गो के मामले में सदन में चर्चा न हो सके। साथ ही विपक्ष द्वारा यहां तक प्रयास किया गया कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुई महिलाओं और पिछड़े वर्ग के मंत्रियों का परिचय तक न हो पाए।

कांग्रेस जासूसों से भरी पार्टी- मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस खुद जासूसों से भरी पार्टी है। अपनी ही पार्टी के लोगों की जासूसी कराने का कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। तीन मूर्ति भवन से लेकर सफदरगंज रोड और 10 जनपथ में रहने वाले कांग्रेस के मुख्य नेता जासूसों से घिरे रहे है। वे खुद जासूसी करके न केवल देश बल्कि खुद अपनी ही पार्टी को कमजोर करते रहे है। इंदिरा गांधी ने लालबहादुर शास्त्री और वरिष्ठ नेता कामराज को जासूसी करके निपटाया था।

सोनिया गांधी ने पीवी नरसिम्हाराव, सीताराम केसरी जैसे नेताओं को निपटाया था। अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी-23 ग्रूप को निपटाने में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि अपने नेताओं को निपटने के कांग्रेस के इतिहास को सबने देखा है। कांग्रेस दल नहीं दल-दल हो गया है और मध्यप्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ को निपटाने का काम दिग्विजय सिंह ने किया। जब कमलनाथ मुख्यमंत्री तब दिग्विजय सिंह पल पल की जानकारी रखते थे और सरकार भी पीछे से चलाते थे।

राहुल गांधी गुपचुप चीन एम्बेंसी क्यों गए?- मुख्यमंत्री ने जासूसी पर राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि राहुल गांधी देर रात गुपचुप चीन एम्बेंसी जाते है। राहुल गांधी को बताना चाहिए कि वे गुपचुप क्यों गए?
मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर देश की सरकार गिराने के लिए पाकिस्तान से सहयोग मांगते है।

जासूसी कराने का कांग्रेस का पुराना इतिहास- मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए के समय के आरटीआई में जानकारी सामने आयी थी कि यूपीए सरकार ने हर महीने 9 हजार फोन टेप किए। समाजवादी पार्टी के तत्कालीन महासचिव अमर सिंह, सीताराम केसरी, जयललिता, चन्द्रबाबू नायडू जैसे कई बड़े नेताओं ने यूपीए सरकार पर फोन टेपिंग के आरोप लगाए थे। इस मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उस समय कहा था कि फोन टेप सरकार नहीं बल्कि प्रायवेट एजेंसी ने किया है। इस मामले में भूपेन्द्र सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया था।



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