मध्यप्रदेश में लोगों को फिर लगेगा महंगी बिजली का जोर का झटका, 6 फीसदी तक टैरिफ बढ़ाने की तैयारी

बिजली कंपनियां घाटा बताकर हर साल बढ़ाती है बिजली के दाम

Author विकास सिंह| Last Updated: गुरुवार, 21 जनवरी 2021 (11:20 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में बिजली कंपनियां फिर एक बार फिर लोगों को बिजली की महंगाई का
करंट देने जा रही है। सरकार की ओर से 100 यूनिट बिजली 100 रूपए देने की योजना से देने वाले 6 लाख उपभोक्ताओं को बाहर करने के फैसले के बाद अब बिजली कंपनियों ने बिजली महंगी करने की तैयारी कर ली है।

प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को बिजली के दाम बढ़ाने संबंधी एक याचिका सौंपी है जिसमें सभी वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली करीब 6 फीसदी तक महंगी किए जाने का प्रस्ताव दिया है। कंपनियों ने दाम बढ़ाए जाने का बड़ा कारण ढाई हजार करोड़ से अधिक का घाटा बताया है। अपने इस घाटे से उबरने के लिए अब बिजली कंपनियां बिजली उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाने जा रही हैं।
हर साल महंगी होती बिजली- अगर आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो पिछले 13 साल में प्रदेश में बिजली की दरें दोगुना हो गई हैं। मध्य प्रदेश में वर्ष 2007-08 में बिजली दर 3.29 रुपए प्रति यूनिट थी जो 2020 में बढ़कर 6.55 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। पिछले साल बिजली कंपनियों ने दो हजार करोड़ का घाटा बताते हुए 5.73 फीसदी तक बिजली महंगी किए जाने का प्रस्ताव आयोग को सौंपा था।

इसके बाद आयोग ने सुनवाई कर नया टैरिफ लागू कर दिया था। जिसमें प्रदेश में बिजली का टैरिफ करीब करीब 2 फीसदी (1.98 फीसदी) बढ़ गया था। हर साल बिजली की दरों में होने वाली यह टैरिफ बढ़ोत्तरी करने के पीछे बिजली कंपनियों का बड़े घाटा से जूझना बताया जाता है।
बिजली कंपनियों के घाटे का कारण- मध्यप्रदेश में बिजली कंपनियां लगातार घाटे में चल रही है जबकि बिजली के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। इसके बाद भी बिजली कंपनियां लगातार घाटे में चल रही है इसक सबसे बड़ा कारण बड़े पैमाने पर बिजली चोरी होना और बिजली के बड़े बकायादारों जो रसूखदारों की श्रेणी में आते है उनसे बकाया बिजली का बिल नहीं वसूला जाना है। पिछले दिनों ऊर्जा विभाग की बैठक में बकायादारों से बिजली का बिल नहीं वसूले जाने का मुद्दा उठा था जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़े बकायादारों से सख्ती से बिजली बिल वसूल करने के निर्देश दिए थे।
आयकर देने वालों को सस्ती बिजली नहीं-वहीं मध्यप्रदेश में खाली खजाने से जूझ रही शिवराज सरकार ने अब खजाना भरने के लिए 100 यूनिट बिजली 100 रुपए के दायरे से छह लाख ऐसे उपभोक्ता को बाहर कर देने फैसला पहले ही कर लिया है जो इनकम टैक्स देते है। पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक‌ में ऊर्जा विभाग ‌के प्रेजेंटेशन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 100 रुपए बिल के दायरे में आने वाले ऐसे 6 लाख उपभोक्ता जो इनकम टैक्स के दायरे में आते है, उन सब को उस दायरे से निकालने के निर्देश दिए है। सरकार ने अपने इस फैसले के पीछे कारण बताया है कि खपत के आधार पर लाई गई इस योजना में कई प्रथम श्रेणी के अधिकारी भी आ गए थे।



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