suvichar

07 सितंबर 2025 को होगा खग्रास चंद्रग्रहण, देश-दुनिया पर होगा प्रभावी

खग्रास चंद्रग्रहण 07 सितंबर को, जानें सूतक और मोक्ष का समय

Updated: गुरुवार, 4 सितम्बर 2025 (10:45 IST)
Chandra Grahan 2025: हिन्दू परंपरा में ग्रहण का महत्वपूर्ण स्थान है। जैसा आप सभी को विदित है ग्रहण दो प्रकार के होते हैं- सूर्यग्रहण एवं चंद्रग्रहण। सूर्यग्रहण एवं चंद्रग्रहण भी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं- खग्रास और खंडग्रास। जब ग्रहण पूर्णरूपेण दृश्यमान होता है तो उसे 'खग्रास' एवं जब ग्रहण कुछ मात्रा में दृश्यमान होता है तब उसे 'खंडग्रास' कहा जाता है, किन्तु जब ग्रहण बिल्कुल भी दृश्यमान नहीं होता तो उसे 'मान्द्य चंद्रग्रहण' कहा जाता है।ALSO READ: Lunar eclipse 2025: चंद्र ग्रहण: वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण और उपाय
 
खग्रास व खंडग्रास ग्रहण का समस्त द्वादश राशियों पर व्यापक प्रभाव माना जाता है किन्तु 'मान्द्य' ग्रहण का जनमानस पर कोई व्यापक प्रभाव नहीं होता, जब ग्रहण निवासरत स्थान में दृश्यमान नहीं होता तब ग्रहण यम-नियम आदि वहां के निवासियों पर प्रभावी नहीं होते।
 
आगामी 07 सितंबर 2025 भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा, दिन रविवार को खग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह खग्रास चंद्रग्रहण सम्पूर्ण भारतवर्ष सहित अन्य देशों में भी दृश्यमान होगा। सम्पूर्ण भारत में दृश्यमान होने के कारण इसके यम-नियम सूतक इत्यादि सम्पूर्ण भारत के निवासियों पर प्रभावी होंगे। 
 
इस खग्रास चंद्रग्रहण का सूतक भारतीय समयानुसार अपरान्ह 12 बजकर 57 मिनट से प्रारंभ होगा। ग्रहण की विरल छाया प्रवेश रात्रि 08:58 से एवं स्पर्श रात्रि 09:57 पर होगा। इस चंद्रग्रहण का सम्मिलिन रात्रि 11.01 मि. पर, मध्य रात्रि 11:42 मि. पर एवं उन्मीलन रात्रि 12:23 मि. पर होगा। ग्रहण का मोक्ष मध्यरात्रि 01 बजकर 27 मि. पर होगा एवं विरल छाया निर्गम मध्यरात्रि 02 बजकर 25 पर होगा।ALSO READ: Lunar Eclipse 2025: खग्रास चंद्र ग्रहण के दिन बचकर रहना होगा 6 राशियों को
 
यह खग्रास चंद्रग्रहण मेष, वृषभ, धनु राशिवाले जातकों के लिए सुखद एवं शुभफलदायी रहेगा शेष राशि वाले जातकों के लिए यह ग्रहण कष्टप्रद एवं अशुभफलदायक रहेगा। ग्रहण काल में साधकों व श्रद्धालुओं को जप, तप, दान, भजन-कीर्तन एवं यथोचित साधना करना श्रेयस्कर रहेगा।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

ALSO READ: Lunar Eclipse 2025: क्या इस बार का चंद्रग्रहण भी लेकर आने वाला है डर और तबाही की नई लहर?

लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 अगस्‍त 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

शुक्र का हस्त नक्षत्र में गोचर: जानिए मेष से मीन तक 12 राशियों पर क्या होगा असर

श्रावण मास विशेष: शिवलिंग पर कितने प्रकार के अभिषेक किए जाते हैं? जानिए हर अभिषेक का महत्व

अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग-6 धनिया)

कर्क राशि में बना त्रिग्रही योग, 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर, नौकरी और व्यापार में मिलेगा बड़ा लाभ

अगला लेख