लोकसभा के पहले चरण में पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 81 प्रतिशत और बिहार में सबसे कम 50 प्रतिशत मतदान

Last Updated: गुरुवार, 11 अप्रैल 2019 (23:01 IST)
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार को 20 राज्यों की 91 सीटों के लिए मतदान लगभग शांति पूर्ण रहा। शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 50 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 81 प्रतिशत मतदान हुआ।
उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने बताया कि पहले चरण के चुनाव में मतदान का स्तर सामान्य रहा। सिन्हा ने कहा अंतिम आंकड़े आने तक यह स्तर पिछले चुनाव की तुलना में लगभग बराबर ही होगा। उन्होंने कहा कि सभी 20 राज्यों की मतदान वाली सीटों पर सामान्य रूप से शांतिपूर्ण मतदान रहा। कुछ इलाकों में हिसा और बाधा पहुंचाने की शिकायतें जरूर मिली जिन्हें तत्काल दूर कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में 91 सीटों पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें जिन राज्यों की सभी लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ उनमें आंध्रप्रदेश की 25 सीटों पर शाम 5 बजे तक 66 प्रतिशत और तेलंगाना की 17 सीटों पर 60 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि संयुक्त आंध्रप्रदेश में 2014 के चुनाव में 76.64 प्रतिशत मतदान हुआ था।
इसके अलावा उत्तराखंड की पांच सीटों पर 57.85 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में 2014 में 62.15 प्रतिशत मतदान हुआ था। अरुणाचल प्रदेश की दो सीटों पर 66 प्रतिशत मतदान रहा। राज्य में 2014 में मतदान का स्तर 80 प्रतिशत था। मेघालय की दो सीटों पर शाम 6 बजे तक 67.1 प्रतिशत हुआ और पिछली बार 68 प्रतिशत मतदान हुआ था।

पहले चरण के मतदान वाले अन्य प्रमुख राज्यों में उत्तरप्रदेश की आठ सीटों पर शाम 5 बजे तक 63.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। छत्तीसगढ़ की बस्तर सीट पर 56 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले चुनाव में इस सीट पर 69.39 प्रतिशत मतदान हुआ था।

सिंहा ने बताया कि बस्तर इलाके में दंतेवाड़ा और नारायणपुर क्षेत्र में हिंसा और मतदान में बाधा पहुंचाने की कोशिश की गईं, लेकिन सुरक्षा बलों ने इन्हें नाकाम कर दिया। उन्होंने बताया दंतेवाड़ा के श्यामगिरि मतदान केन्द्र पर 77.7 प्रतिशत मतदान हुआ। इस इलाके में ही मंगलवार को नक्सली हमले में स्थानीय विधायक सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की दो सीटों बारामूला और जम्मू पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। जम्मू सीट पर 72.16 प्रतिशत और बारामूला पर 35.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

पहले चरण में महाराष्ट्र की 7 लोकसभा सीटों पर शाम 5 बजे तक 56 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में गढ़चिरौली सीट पर चार मतदान केन्द्रों पर मतदानकर्मियों के नहीं पहुंच पाने के कारण मतदान स्थगित करना पड़ा।

इसके अलावा उड़ीसा की चार लोकसभा सीटों पर शाम 5 बजे 68 प्रतिशत मतदान हुआ। सिन्हा ने बताया कि इन सभी सीटों पर मतदान के अंतिम आंकड़े अभी आने बाकी हैं। इसके बाद ही इन सीटों पर पिछले चुनाव की तुलना में मतदान के स्तर का आकलन किया जा सकेगा।

सिंहा ने कहा कि एक-एक सीट वाले राज्य मिजोरम में 60 प्रतिशत (2014 में 61.95 प्रतिशत), नगालैंड में 78 प्रतिशत (2014 में 87.91 प्रतिशत), सिक्किम 69 प्रतिशत (2014 में 83.64 प्रतिशत) और लक्षदीप में 66 प्रतिशत (2014 में 86 प्रतिशत) मतदान रहा। उल्लेखनीय है कि इन सभी राज्यों में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान का स्तर कम रहा।
बदली गई EVM और वीवीपेट : ईवीएम में गड़बड़ी के बारे में उन्होंने बताया कि सभी 91 सीटों पर मतदान के दौरान तकनीकी बाधाओं के कारण 1.7 प्रतिशत ईवीएम मशीनों को बदलना पड़ा जबकि 1.04 प्रतिशत कंट्रोल यूनिट और 1.61 प्रतिशत वीवीपेट मशीनें बदली गईं।

उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान गड़बड़ी से जुड़ी विभिन्न राजनीतिक दलों की शिकायतों की आयोग शुक्रवार को दिन में 11 बजे समीक्षा करेगा। इस दौरान राजनीतिक दलों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

सिन्हा ने कहा कि मतदान के दौरान ईवीएम को क्षतिग्रस्त करने के कुल 15 मामले सामने आए। इनमें 6 आंध्रप्रदेश और एक- एक बिहार एवं पश्चिम बंगाल में रहा। इनमें आयोग ने कानूनी कार्रवाई की है। (भाषा)



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