Hanuman Chalisa

ये हैं दुनिया के अल्फा, बीटा और गामा शहर

Updated: सोमवार, 16 जुलाई 2018 (11:53 IST)
विज्ञान के क्षेत्र में अल्फा, बीटा और गामा की बात तो आम है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आर्थिक आधार पर भी दुनिया में शहरों का विभाजन ऐसे किया गया है। सबसे अच्छा शहर मतलब अल्फा++।
 
 
अल्फा++
लंदन, न्यूयॉर्क दुनिया के ऐसे दो शहर हैं जिन्हें आर्थिक आधार पर सबसे अधिक मजबूत मानते हुए अल्फा++ (प्लस प्लस) की श्रेणी में रखा गया है।
 
 
अल्फा+
सिंगापुर सिटी, हांगकांग, पेरिस, बीजिंग, टोक्यो, दुबई, शंघाई जैसे शहर दुनिया के अल्फा+ (प्लस) शहरों में शामिल है।
 
 
अल्फा
सिडनी, साउ पाउलो, मिलान, शिकागो, मेक्सिको सिटी, मॉस्को, फ्रैंकफर्ट, मैड्रिड, वॉरसा, जोहानिसबर्ग, टोरंटो, सिओल, इस्तांबुल, जकार्ता, ब्रसेल्स, एम्सटर्डम जैसे कुछ अन्य शहर भी इसमें शामिल है।
 
 
अल्फा- (माइनस)
डबलिन, मेलबर्न, वॉशिंगटन, नई दिल्ली, बैंकॉक, ज्यूरिख, वियना, ताइपे, स्टॉकहोम, सेन फ्रांसिस्को, मनीला, रियाद, बॉर्सिलोना, तेल अवीव, लिस्बन, मियामी दुनिया के अल्फा- (माइनस) शहरों में शुमार है।
 
 
बीटा+
प्राग, बॉस्टन, कॉपनहेगन, ड्युसलडोर्फ, एथेंस, म्यूनिख, बुचारेस्ट, हेलसिंकी, अटलांटा, कीव, हैम्बर्ग, बेंगलूरु, रोम, ओस्लो, डलास, लीमा, लागोस, कैपटाउन, ऑकलैंड इसमें आते हैं।
 
 
बीटा
दोहा, कराची, जेनेवा, बर्लिन, अबु धाबी, वेनकूवर, सोफिया, पर्थ, हनोई, बेरुत, ब्रिस्बेन, मॉन्ट्रियाल, कासा ब्लैंका, ब्रातिस्लावा जैसे कुछ और शहर भी बीटा कहलाते हैं।
 
 
बीटा-
चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद स्टुटगार्ट, सेंट डोमिंगो, रियो दे जेनेरियो, कुवैत सिटी, पनामा सिटी, लाहौर, ट्यूनिस, बेलग्रेड, सीएटल, मैनेचस्टर, ग्वाटेमाला सिटी, तियाजिन, सेन सेल्वाडोर दुनिया के बीटा- (माइनस) शहर है।
 
 
गामा+
रीगा, बाकू, एडिलेड, ग्लासगो, बर्मिंघम, हांग्जाऊ, कोलंबो, डेट्रॉइट, कंपाला, डर्बन, सेंट पीटर्सबर्ग आदि दुनिया के गामा+ (प्लस) शहर की श्रेणी में आते हैं।
 
 
गामा
पुणे, अहमदाबाद, समेत दुनिया के फीनिक्स, ऑस्टिन, तिब्लिसी, दार-अस-सलम, अंकारा, हरारे जैसे कुछ और शहर गामा कैटेगरी में आते हैं।
 
 
गामा-
ताइचुंग, बेलफास्ट, लाइपजिंग, मापुतो, ब्रिस्टल, ऑरलैंडो, कोलबंस, वेंलिगटन, न्यूरमबर्ग, ड्रेस्डन आदि शहर गामा- कैटेगिरी में आते हैं।
 

Show comments

सभी देखें

क्या मस्क बनेंगे दुनिया के पहले खरबपति?

भारत में अब भी कैसे जारी है हर दिन 16 महिलाओं की दहेज हत्या?

नार्वे में पत्रकारिता या पब्लिसिटी स्टंट?

बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी चुनौती

ईरान युद्ध: कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति?

सभी देखें

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

CJP Protest : 2 घंटे तक चली CJP की केंद्रीय मंत्रियों से मीटिंग, क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

अगला लेख