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इन एयरलाइनों के प्लेन कभी क्रैश नहीं हुए

Updated: सोमवार, 9 जुलाई 2018 (19:22 IST)
सांकेतिक फोटो

हवाई यात्रा को सफर का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। लेकिन कई बार विमान हादसों का शिकार हो जाते हैं। अलबत्ता कई ऐसी एयरलाइन भी हैं जिनका आज तक कोई विमान क्रैश नहीं हुआ। चलिए डालते हैं इन्हीं पर एक नजर।
 
 
हवाइयन एयरलाइंस
यह अमेरिकी एयरलाइन 1929 से उड़ान भर रही है। लेकिन सुरक्षा के मामले में इसका रिकॉर्ड बेदाग है। हालांकि यह 1993 और 2003 में दिवालिएपन का शिकार हो चुकी है, लेकिन उसने सुरक्षा से कभी कोई समझौता नहीं किया।
 
 
ईजीजेट
ब्रिटिश बजट एयरलाइन ईजीजेट की स्थापना 1995 में हुई। अब तक इसका कोई विमान हादसे का शिकार नहीं हुआ है। इसकी फ्लाइटों से जुड़ा कोई बड़ा मुद्दा या विवाद भी आपको नहीं दिखता। कहा जा सकता है कि इजीजेट में सफर ईजी और आरामदायक है।
 
 
रायन एयर
चल रही इस आइरिश एयरलाइन का सुरक्षा रिकॉर्ड भी बेदाग है। हालांकि 2008 में रोम में उसके विमान से कई परिंदे टकरा गए और इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। लैंडिंग पर विमान का बायां पहिया टूट गया और विमान जमीन से जा टकराया। सभी यात्री सुरक्षित रहे, सिर्फ दो क्रू सदस्यों को थोड़ी चोटें आईं।
 
 
वर्जिन
वर्जिन ब्रांड से चलने वाली वर्जिन अटलांटिक, वर्जिन ऑस्ट्रेलिया और वर्जिन अमेरिका एयरलाइंस भी दशकों से अपने अच्छे सुरक्षा रिकॉर्ड के लिए जानी जाती हैं। वर्जिन अटलांटिक और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया को दुनिया की 20 सबसे सुरक्षित एयरलाइनों में गिना जाता है।
 
 
एमिरेट्स
एयरलाइन एमिरेट्स 1985 से उड़ान भर रही है। लेकिन कभी उसके विमान घातक हादसे का शिकार नहीं हुए। एक बार दुबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के समय उसके विमान में आग लग गई थी। विमान में सवार सभी यात्री तो बचा लिए गए, लेकिन एक दमकलकर्मी की जान चली गई थी।
 
 
एतीहाद
मध्य पूर्व की एक और एयरलाइन एतीहाद का सुरक्षा रिकॉर्ड भी बेदाग है। लेकिन फ्रांस के तुलु एयरपोर्ट पर एक बार ग्राउंड टेस्टिंग के दौरान एतीहाद के विमान ने तेज रफ्तार पकड़ ली और वह दीवार से जा टकराया। इससे विमान पर सवार नौ लोग घायल हो गए जिनमें चार गंभीर रूप से घायल थे।
 
 
कतर एयरवेज
2004 से उड़ान भर रही कतर एयरवेज भी दुनिया की सबसे सुरक्षित एयरलाइनों में गिनी जाती है। लेकिन दो बार उसके विमान जमीन पर खड़े हुए आग का शिकार हुए हैं। पहली बार 2007 में अबु धाबी और दूसरी बार 2017 में दोहा में। लेकिन दोनों ही घटनाओं में किसी की जान नहीं गई।

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