अलीम डार ने जीवन का सबसे दुखद पल साझा किया: परिवार ने बेटी की मौत की बात छिपाई
7 महीने की बच्ची वनडे विश्वकप 2003 के दौरान मर गई थी
सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने वाले पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार ने अपने जीवन का सबसे दुखद पल साझा किया है जब 2003 में उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर में उनकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने सात महीने की बेटी की मौत की खबर उनसे छिपाई।
छप्पन साल के डार ने एक पाकिस्तानी चैनल पर बताया कि 2003 विश्व कप में जब वह अंपायरिंग कर रहे थे तब उनकी पत्नी और परिवार ने उन्हें उनकी नवजात बेटी की मौत के बारे में नहीं बताया था।
डार ने शो में कहा, यह आईसीसी पैनल अंपायर के रूप में मेरे करियर की शुरुआत थी और यह मेरे करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट था और उन्हें पता था कि अगर मुझे अपनी बेटी की मौत के बारे में पता चला तो मैं तुरंत घर लौट आऊंगा।
इस बेहद सम्मानित पाकिस्तानी अंपायर ने कहा कि आखिरकार जब उन्हें अपनी बेटी की मौत के बारे में पता चला तो यह उनके जीवन का सबसे दुखद क्षण था और उन्हें बहुत दुख हुआ।
डार ने कहा, उसकी मौत के बाद मुझे लगभग एक महीने तक अंधेरे में रखा गया और मुझे जोहानिसबर्ग में संयोग से इसके बारे में पता चला जहां मेरे गृहनगर सियालकोट से ताल्लुक रखने वाला एक पाकिस्तानी व्यक्ति मुझे अपनी संवेदना व्यक्त करने आया।
उन्होंने कहा, उस समय मुझे बहुत बड़ा झटका लगा और मैंने तुरंत आईसीसी को सूचित किया और घर लौट आया।
डार ने कहा कि जैसे ही उन्हें अपनी बेटी के बारे में पता चला तो उन्होंने अपनी पत्नी को फोन किया और वह फोन पर रोने लगीं।उन्होंने कहा, मुझे बाद में पता चला कि मेरे पिता ने मीडिया के दोस्तों से सख्ती से कहा था कि वे इस खबर को नहीं छापें।
डार ने 2000 से 2023 के बीच अपने करियर में 145 टेस्ट, 231 वनडे और 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की।(भाषा)
डार ने शो में कहा, यह आईसीसी पैनल अंपायर के रूप में मेरे करियर की शुरुआत थी और यह मेरे करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट था और उन्हें पता था कि अगर मुझे अपनी बेटी की मौत के बारे में पता चला तो मैं तुरंत घर लौट आऊंगा।
इस बेहद सम्मानित पाकिस्तानी अंपायर ने कहा कि आखिरकार जब उन्हें अपनी बेटी की मौत के बारे में पता चला तो यह उनके जीवन का सबसे दुखद क्षण था और उन्हें बहुत दुख हुआ।
डार ने कहा, उसकी मौत के बाद मुझे लगभग एक महीने तक अंधेरे में रखा गया और मुझे जोहानिसबर्ग में संयोग से इसके बारे में पता चला जहां मेरे गृहनगर सियालकोट से ताल्लुक रखने वाला एक पाकिस्तानी व्यक्ति मुझे अपनी संवेदना व्यक्त करने आया।
डार ने कहा कि जैसे ही उन्हें अपनी बेटी के बारे में पता चला तो उन्होंने अपनी पत्नी को फोन किया और वह फोन पर रोने लगीं।उन्होंने कहा, मुझे बाद में पता चला कि मेरे पिता ने मीडिया के दोस्तों से सख्ती से कहा था कि वे इस खबर को नहीं छापें।
डार ने 2000 से 2023 के बीच अपने करियर में 145 टेस्ट, 231 वनडे और 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की।(भाषा)

