इरफान पठान ने लिया क्रिकेट से संन्यास, इन 11 बातों के लिए किए जाएंगे याद

पुनः संशोधित शनिवार, 4 जनवरी 2020 (18:24 IST)
अगर हम भारतीय क्रिकेट में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की बात करें तो सबसे पहला नाम जहीर खान का आता है । इसके बाद जो नाम याद आता है वह है का। इरफान पठान ने आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। 16 साल पहले इरफान ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत की ओर से डेब्यू किया। 
हरफनमौला इरफआन पठान ने 29 टेस्ट, 120 एकदिवसीय और 24 टी-20 मैचों में कुल 301 विकेट लेने के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में 1 शतक और 6 अर्धशतक भी लगाए है।
 
आइए नजर डालते हैं कैसा रहा इरफान का करियर और उनके करियर की कुछ खास बातें
 
-वडोदरा में रहने वाले इरफान पठान को साल 2003 में अंडर 19 टीम में चुना गया।
 
-एक साल के भीतर ही उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को खुश किया और 2004 में टीम में जगह बनाई।
 
-ऑस्ट्रेलिया में एडम गिलस्क्रिट को उन्होंने सिडनी टेस्ट (2003-04) में यॉर्कर पर बोल्ड किया जो उनके लिए एक खास पल बन गया।
 
-साल 2006 में उन्होंने कराची टेस्ट के पहले ओवर में  ही हैट्रिक ली। जो अब तक रिकॉर्ड है।
 
-कोच  ग्रेग चैपल ने उन्हें पहले नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा और इरफान ने कई बार रन भी बनाए।
 
-साल 2007 में वह अपने भाई युसूफ पठान के साथ टी-20 वर्ल्डकप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। 
 
-टी-20 विश्वकप 2007 फाइनल की जीत में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई और वह मैन ऑफ द मैच रहे।
 
-खराब फॉर्म के कारण पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने उनको गेंदबाजी की गति कम करने की सलाह दी। उनका करियर खराब करने में चैपल का प्रमुख योगदान रहा।   
 
-रन अप और गति में बदलाव उनके लिए काम न आया और एशिया कप 2012 में की दिशाहीन गेंदबाजी ने उनका करियर लगभग खत्म कर दिया।
 
-क्रिकेट से दूरी के बाद पठान ने अपनी एकेडमी खोली और कमेंट्री बॉक्स में भी अपनी आवाज दी। 




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