रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में दोगुना से अधिक बढ़कर 13227 करोड़ रुपए रहा

Last Updated: शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021 (23:37 IST)
नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली इंडस्ट्रीज लि. का एकीकृत वित्त वर्ष 2020-21 की जनवरी-मार्च तिमाही में दोगुना से अधिक बढ़कर 13,227 करोड़ रुपए रहा। खुदरा क्षेत्र के उपभोक्ता और दूरसंचार तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में तिमाही आधार पर सुधार से कंपनी का लाभ बढ़ा है।हालांकि रिफाइनिंग कारोबार में सुस्ती जारी है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में उसे 6,348 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। चौथी तिमाही में कंपनी को अमेरिकी शेल संपत्ति की बिक्री से 797 करोड़ रुपए का अपवादस्वरूप लाभ हुआ, जो चौथी तिमाही के परिणाम में शामिल है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की आय आलोच्य तिमाही में 13.6 प्रतिशत बढ़कर 1,72,095 करोड़ रुपए रही।

कंपनी का तेल और रसायन कारोबार तिमाही आधार पर बेहतर हुआ, लेकिन एक साल पहले इसी तिमाही में कमाई कम हुई है। इसका कारण महामारी के कारण ईंधन मांग कम होने से रिफाइनिंग करोबार में सुस्ती है। इसकी भरपाई दूरसंचार और खुदरा कारोबार ने किया जिनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इन दोनों क्षेत्रों का कमाई में योगदान अब 45 प्रतिशत हो गया है जो एक साल पहले 33 प्रतिशत था।

कंपनी की दूरसंचार इकाई जियो का शुद्ध लाभ मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 47.5 प्रतिशत बढ़कर 3,508 करोड़ रुपए रहा।कंपनी ने शुद्ध रूप से 1.54 करोड़ से अधिक ग्राहक जोड़े। हालांकि इंटरकनेक्ट यूजेज चार्जेज शून्य कर उसकी जगह बिल एंड कीप (बिल काटने, अपने पास ही रखने) की जनवरी 2021 से लागू नई व्यवस्था अपनाए जाने से प्रति उपभोक्ता कमाई घटकर 138 रुपए प्रति माह पर आ गई जो इससे पूर्व तिमाही में 151 रुपए प्रति माह थी।

किराना कारोबार से रिकॉर्ड आय और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से खुदरा कारोबार का कर पूर्व लाभ 41 प्रतिशत बढ़कर 3,623 करोड़ रुपए रहा। कंपनी ने इस दौरान 826 नए स्टोर जोड़े, जिससे उसके दुकानों की संख्या बढ़कर 12,711 पहुंच गई।

हालांकि कोविड संक्रमण बढ़ने से कंपनी का खुदरा कारोबार अप्रैल में प्रभावित हुआ है। इस दौरान ग्राहकों के स्टोर में आने की संख्या 35 से 40 प्रतिशत कम हुई है। पेट्रोरसायन मार्जिन में सुधार बना हुआ है। लेकिन कोविड के कारण रिफाइनरी निम्न क्षमता पर काम कर रही है। इससे तेल और रसायन कारोबार का कर पूर्व लाभ (ईबीआईटीडीए) 4.6 प्रतिशत घटकर 11,407 करोड़ रुपए रहा।

पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ करीब 35 प्रतिशत बढ़कर 53,739 करोड़ रुपए रहा, जबकि आय 18.3 प्रतिशत बढ़कर 5,39,238 करोड़ रुपए रही। वित्तीय परिणाम के बारे में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, हमने तेल और रसायन तथा खुदर क्षेत्र में अच्छा सुधार दर्ज किया है, जबकि डिजिटल सेवा कारोबार (रिलायंस जियो समेत) में मजबूत वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि कोविड संकट से जहां एक तरफ आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ा है, रिलायंस ने करीब 75,000 लोगों को नौकरियां दी। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। अंबानी ने कहा, यह भारत के लिए असाधारण चुनौतियों वाला समय है। हमारी इस समय प्राथमिकता देश और समुदाय को कोविड संकट से बाहर निकालने की है।

हमने महामारी की रोकथाम के लिए
चलाए जा रहे अभियान को मजबूती प्रदान करने को लेकर अपना बेहतरीन संसाधन लगाया है। जामनगर स्थित हमारे संयंत्र चिकित्सा में उपयोग होने वाले ऑक्सीजन उत्पादन कर रहे हैं, जो इस समय कई राज्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

कंपनी का सकल कर्ज मार्च 2021 के अंत में घटकर 2,51,811 करोड़ रुपए पर आ गया जो दिसंबर 2020 के अंत में 2,57,413 करोड़ रुपए था। वहीं कंपनी के पास नकद राशि बढ़कर 2,54,019 करोड़ रुपए पहुंच गई जो इससे पहले, 2,20,524 करोड़ रुपए थी।

जियो प्लेटफार्म्स का शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में 47.5 प्रतिशत उछला : रिलांयस इंडस्ट्रीज की प्रौद्योगिकी इकाई जियो प्लेटफार्म्स का शुद्ध लाभ मार्च 2021 को समाप्त चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 47.5 प्रतिशत बढ़कर 3,508 करोड़ रुपए रहा।

कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसकी परिचालन आय आलोच्य तिमाही में 19 प्रतिशत बढ़कर 18,278 करोड़ रुपए रही। बयान के अनुसार, कंपनी के ग्राहकों की संख्या 31 मार्च, 2021 की स्थिति के अनुसार 42.62 करोड़ रही।(भाषा)



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