वैश्विक बाजार पर असर: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है। भारत के हटने से वैश्विक बाजार में चीनी की कमी होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आएगी। भारत की अनुपस्थिति का लाभ ब्राजील और थाईलैंड जैसे देशों को मिलेगा, जो अब एशियाई और अफ्रीकी बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta