यदि हो कोई लंबे समय से बीमार तो अपनाएं लाल किताब के ये 14 उपाय

यदि आप या आपके घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमारी हो या बीमारी पीछा नहीं छोड़ रही रहो तो यहां लाल किताब के कुछ सामान्य उपाय बताए जा रहे हैं परंतु इन उपायों को लाल किताब के किसी जानकार से पूछकर ही करें।

1. प्रति सप्ताह गाय, कौए और कुत्तों को मीठी रोटियां खिलाएं। रोगी के उपर से एक रोटी वारकर कुत्ते को खिलाएं। प्रतिदिन कुत्ते को रोटी खिलाने से आकस्मिक संकट दूर रहते हैं।

2. ब्लड प्रेशर या अनावश्यक बैचेने से को कंट्रोल करने के लिए प्रतिदिन रात में सर्ते समय एक तांबे के लौटे में पानी भरकर रखें और सुबह उसे किसी बबूल के वृक्ष या पौधे में डाल दें या बाहर ढोल दें। ऐसा 43 दिनों तक करें।

3. पका हुआ कद्दू या सीताफल गुरुवार को मंदिर में दान करें।

4. कान की बीमारी के लिए काले-सफेद तिल सफेद और काले कपड़े में बांधकर जंगल या किसी सुनसान जगह पर गाड़कर आ जाएं।

5. शुगर, जोड़ों का दर्द, मूत्र रोग, रीढ़ की हड्डी में दर्द के लिए काले कुत्ते की सेवा करें।

6. काला और सफेद अर्थात दोरंगी कंबल को 21 बार खुद पर से वारकर उसे किसी मंदिर में या गरीब को दान कर दें। इससे संकट टल जाता है।

7. पानीदार एक नारियल लें और उसे अपने ऊपर से 21 बार वारें। वारने के बाद उसे किसी देवस्थान पर या घर के बाहर जाकर अग्नि में जला दें। 5 शनिवार ऐसा करने से जीवन में अचानक आए कष्ट से छुटकारा मिलेगा। यदि किसी सदस्य की सेहत खराब है तो ऊसके लिए यह ऊपाय उत्तम है।

8. शनिवार को एक कांसे की कटोरी में सरसों का तेल और सिक्का (रुपया-पैसा) डालकर उसमें अपनी परछाई देखें और तेल मांगने वाले को दे दें या किसी शनि मंदिर में शनिवार के दिन कटोरी सहित तेल रखकर आ जाएं।

9. शुक्रवार को लकड़ी के पाट पर बैठकर अच्‍छे से दही स्नान करने से चर्म ठीक होते हैं।

10. प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कर्पूर जरूर जलाएं।

11. प्रतिदिन संध्यावंदन के साथ हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए। हनुमान चालीसा पढ़ने से जहां पितृदोष, मंगलदोष, राहु-केतू दोष आदि दूर होते हैं वहीं भूत-प्रेतादि का बुरा असर या साया भी हट जाता है। हनुमान बहुक पढ़ने से भी शरीर का दर्द मिट जाता है।

12. जब भी श्मशान या कब्रिस्तान से गुजरना हो तो तांबे के सिक्के उक्त स्थान पर डालने से दैवीय सहायता प्राप्त होगी।

13. यदि आंखों में पीड़ा हो तो शनिवार को चार सूखे नारियल नदी में प्रवाहित करें।
14. सिरहाने कुछ रुपए-पैसे रख कर प्रात: सफाईकर्मी को दे दें।

नोट : उपरोक्त प्रत्येक उपाय लाल किताब के विशेषज्ञ की सलाह अनुसार ही करें।



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