dipawali
✕

बाल कविता : झूठ बोलने की सजा

Updated: शनिवार, 3 फ़रवरी 2018 (13:10 IST)
बाघ आ गया, बाघ आ गया,
कहकर चरवाहा चिल्लाया।
 
आए गांव के लोग वहां तो,
बाघ किसी ने वहां न पाया।
 
झूठ बोलकर चरवाहे ने, 
बार-बार विश्वास गंवाया।
 
किंतु बाघ जब सच में आया,
तो कोई बचाने उसे न आया।
 
झूठ बोलने वालों का तो,
हाल यही है होता आया।
 
दुनिया वालों को ऐसा यह,
काम कभी बिलकुल न भाया। 
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सपने में पुराने संसद भवन से संवाद

रोज की कॉफी में मिलाएं यह मसाला: ब्रेन फॉग, फैटी लिवर और सूजन से मिलेगी मुक्ति; जानिए क्या है 'यूजेनॉल' का जादुई विज्ञान!

जलवायु पर बोझ बनी अमीरी, भुगत रहे हैं गरीब

लेखिका ज्योति जैन की चार पुस्तकों का भव्य लोकार्पण समारोह सफलतापूर्वक संपन्न

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

अगला लेख