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मजेदार बाल कविता : क्यों छोड़ें मुस्काना

Updated: शुक्रवार, 7 जनवरी 2022 (15:33 IST)
फूल लाल है फूल हैं पीले,
फूल गुलाबी नीले।
फूल सदा हंसते रहते हैं,
संवरे और सजीले।
 
डाली की गोदी में बैठे,
मस्त मगन रहते हैं।
खुशियां तुम भी रोज मनाओ,
सबसे यह कहते हैं।
 
जीवन है दो दिन का मेला,
फिर क्यों रोना गाना।
दुख सुख तो जीवन का क्रम है,
क्यों छोड़ें मुस्काना।
 
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लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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