Hanuman Chalisa

बाल कविता : मम्मी पिलाती डांट की घुट्टी

शम्भू नाथ
होमवर्क करना पड़ता है, 
किस बात की होती छुट्टी। 
जब देखो तब मम्मी मेरी, 
पिलाती डांट की घुट्टी।
 
घूमने कहीं जाने न देती, 
घर पर ही खेलूं कोई खेल। 
कहती करो पढ़ाई जम के, 
नहीं तो हो जाओगे फेल। 
 
सैर-सपाटा जाने नहीं देती, 
बांध के हरदम रखती मुट्ठी। 
जब देखो तब मम्मी मेरी, 
पिलाती डांट की घुट्टी।
 
कुछ दिन ही हैं स्कूल खुलेंगे, 
फिर समय न जल्दी आएगा। 
समझ मजबूरी अपनी पप्पू, 
नित्य विद्यालय जाएगा। 
 
लिखी कॉपियां मुरझाएंगी, 
बन जाएगी जल्द ही रद्दी। 
जब देखो तब मम्मी मेरी, 
पिलाती डांट की घुट्टी। 
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

कविता: लाल किला तुझे सलाम

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

अगला लेख