sundarkand
✕

मजेदार कविता : लेकिन गुस्सा भी आता है

Updated: मंगलवार, 3 दिसंबर 2024 (16:12 IST)
खड़ी हुई दर्पण के सम्मुख,
लगी बहुत मैं सीधी सादी।
पता नहीं क्यों अम्मा मुझको,
कहती शैतानों की दादी।
 
मैं तो बिलकुल भोली भाली,
सबकी बात मानती हूं मैं।
पर झूठे आरोप लगें तो,
घूंसा तभी तानती हूं मैं।
फिर गुस्सा भी आ जाता है,
कोई अगर छीने आज़ादी।
 
नील गगन में उड़ना चाहूं,
जल में मछली बनकर तैरूं।
पकड़ू ठंडी हवा सुबह की,
हाथ पीठ पर उसके फेरूं।
पर शैतानों की दादी कह,
अम्मा ने क्यों आफत ढादी।
 
अपनी-अपनी इच्छाएं सब,
सदा रोप मुझ हैं देते।
मेरी भी तो कुछ चाहत है,
टोह कभी इसकी न लेते।
बस जी बस, दादाजी ही हैं,
जो कहते मुझको शाहजादी।
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
 
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

करवा चौथ से पहले चेहरे पर कैसे लाएं नेचुरल ग्लो? घर पर अपनाएं ये आसान ब्यूटी टिप्स

विजय सिंह चौहान की आठ लघुकथाएं

कब है सरदार पटेल जयंती? क्यों कहा जाता है उन्‍हें लौह पुरुष? जानें उनसे जुड़ी अनसुनी बातें

मीराबाई जयंती 2026: क्या कृष्ण भक्ति में लीन मीरा सचमुच मूर्ति में समा गई थीं? जानिए उनकी जिंदगी के 5 अनोखे रहस्य!

अगला लेख