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मजेदार बाल कविता : बैगन भैया

Updated: बुधवार, 3 मार्च 2021 (16:25 IST)
Baingan Poem
 
कुछ तो बोलो बैगन भैया,
तुम पढ़ते हो कक्षा कौन?
क्यों गुमसुम चुपचाप खड़े हो,
साध रखा है बिल्कुल मौन।
 
ए. बी. सी. डी. सीखी होगी,
सीखा होगा अ, ब, स।
तोड़ो अब तो चुप्पी भाई,
कर लो थोड़ा हा- हा- हा।
 
मैं तो सीख रहा था भैया,
क, ख, ग और ए. बी. सी.।
लेकिन मुझ को तोड़ लाई है,
डाली से गुल्ली दीदी।
 
अब बनाएगी मुझे भूनकर,
भुर्ता खट्टा और नमकीन।
और साथ में मजे-मजे से,
खा लेगी वह रोटी तीन।
 
पर मैं तो इसमें भी खुश हूं, 
काम किसी के आता हूं।
नहीं भले ही पढ़ लिख पाया,
लेकिन भूख मिटाता हूं।

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लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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