मजेदार कविता : एक भैंस के ऊपर...

एक तालाब में पड़ी हुई थीं
काली-काली अनेक भैंसें
लगता वो सब चट्टानें हों
निकली जल से ऊपर जैसे ...1
बच्चे फेंक रहे थे पत्थर
टकराते पानी में गिरते
किंतु भैंसें जरा न हिलती
बच्चों के मुख लटके रहते ...2
 
तभी एक भैंस के ऊपर
इक काला कौआ आ धमका
चोंच की चुहिया को पटका
कई बार फिर उसको झटका ...3
 
गड़ी चोंच कौए की तीखी
नींद उड़ी भैंस की चौंकी
ली डुबकी उसने पानी में
कौए की चुहिया भी डूबी ...4



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