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मजेदार बाल कविता : जूतों की थापों पर

Updated: सोमवार, 24 जून 2024 (17:38 IST)
चूहे जी ससुराल गए तो,
जूते चुरा लिए साली ने।
वापस कैसे पाएं जूते,
मदद नहीं की घरवाली ने।
 
चूहे ने गुस्से के मारे,
घरवाली को दिया निकाल।
गोरे रंग वाली साली से,
रिश्ता जोड़ लिया तत्काल।
 
उन्हीं चुराए जूतों से अब,
साली से पिटते हर दिन।
जूते की थापों पर चूहा,
नाच दिखाता तिक-तिक-धिन।
 
(यहां पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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