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मजेदार हिंदी बालगीत : हम दादाजी के चमचे हैं...

Updated: गुरुवार, 27 मई 2021 (17:53 IST)
Kids Poem
 
धोती हैं, कुरता, गमछे हैं,
हम दादाजी के चमचे हैं।
 
जब छड़ी कहीं गुम जाती है,
वे छड़ी छड़ी चिल्लाते हैं।
हम ढूंढ ढांढ कर फौरन ही
जा उनके हाथ थमाते हैं,
वह बचपन से ही सबके हैं,
हम सब छुटपन से उनके हैं। हम......!
 
ऐनक रखकर के इधर उधर,
वे भूल हमेशा जाते हैं।
जब बहुत देर तक न मिलती,
तो हम सब पर झल्लाते हैं।
हम अगर नहीं सुन पाए तो,
गुस्से में हम पर बमके हैं। हम.....!
 
आदेश हमें जब वे देते,
हम हुकुम बजा कर लाते हैं।
वे भी तो हमको चॉकलेट,
बिस्कुट अक्सर दिलवाते हैं।
मस्ती में पीठ पर हमारी,
वे धौल जमाते जमके हैं। हम......!
 
वे पार कर चुके हैं अस्सी,
चेहरा अब भी पर मुस्काता।
बोली भी ऐसी है प्यारी,
जैसे भौंरा गाना गाता।
जब उम्र पूंछते हैं उनसे,
कहते सोलह से कम के हैं। हम......!
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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