Hanuman Chalisa

बाल गीत : मने दिवाली

Updated: बुधवार, 2 नवंबर 2016 (16:45 IST)
दिवाली में न हो गाली,
फुलझड़ियों से मने दिवाली।


 
खाना लड्डू लाई बताशे,
खूब बजाना ढोल पताशे।
 
चकरी और अनार चलाना,
खुद जलने से मगर बचाना।
 
उन मित्रों से भी मिल आना,
जिनकी पड़ी जेब हो खाली।
 
अपने मित्रों के घर जाना,
एक-एक दीपक ले जाना।
 
उनके संग फुलझड़ी चलाकर,
हंसते-हंसते गले लगाना।
 
भाई-बहन मम्मी-पापा संग,
खूब नाचना दे-दे ताली।
 
दलित बस्तियों में भी जाना,
अपने मित्रों को ले जाना।
 
कॉपी-कलम किताबें लेकर,
उनके बच्चों को दे आना।
 
उनको भी फुलझड़ी दे आना,
तरह-तरह के रंगों वाली।
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

अगला लेख