1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. chuhe ki yojana par fira pani

फनी बाल कविता : योजना पर पानी

poem on rat
एक ब्लेड में चालीस दाढ़ी,
का विज्ञापन आया।
खुशियों के मारे चूहे ने,
कत्थक नाच दिखाया।
 
सोचा, पैसे खूब बचेंगे,
खुश हो बैठे भारी।
इन पैसों से मोबाइल ले,
लूंगा बात बिचारी।
 
बोली चुहिया, किन्तु आप तो,
दाढ़ी नहीं बनाते।
दाढ़ी मूंछों के खर्चे में,
दमड़ी नहीं लगाते।
 
गुस्से में चूहा चिल्लया,
चुप हो जा मेरी नानी,
मेरी बनी योजना पर तू,
रोज फेरती पानी।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
अगला लेख
वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. सम्मान घोषित