बाल गीत : चिड़िया रानी

बैठ पेड़ पर चिड़िया रानी,
करती है मस्ती मनमानी।
 
फर-फर-फर-फर पंख चलाए।
फुर्र-फुर्र करती उड़ जाए। 
 
फिर से आकर बैठी छत पर। 
फुदक रही है मटक-मटककर। 
 
पता नहीं यह कब जाएगी। 
किसके घर खाना खाएगी। 



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