बाल कविता : चंदा मामा


शम्भू नाथ|
चंदा मामा चंदा मामा।  
कब हलुवा पूड़ी खिलाओगे।     
 
अपने भांजे से मिलने हेतु।  
कब छत पर आओगे।  
 
अपने हाथ से हमें खिलाना।  
तभी मगन से खाऊंगा।  
 
प्यारे मामा कह कर तुमको ।  
अपने गले लगाऊंगा।  
 
इस बच्चे का दिल बहलाने।  
बोलो मामा कब आओगे।  
 



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