2010 और राजनीति के सितारे
- अजय भाम्बी
SUNDAY MAGAZINE
ग्रह चाल के हिसाब से बृहस्पति कुंभ में अतिचारी है। वह अगली राशि मीन में चला जाएगा और मीन राशि में भी यह अतिचारी रहेगा। शनि पूरे वर्ष कन्या राशि में रहेगा। मंगल मई तक नीच राशि कर्क में है और राहू-केतु धनु और मिथुन में हैं। यदि इन सबके परिणामों को मिलाकर देखा जाए तो माओवादी गतिविधियाँ बढ़ेंगी। आतंकी गतिविधियाँ मेट्रो में भी देखने को मिलेंगी।
आदमी ने अपना वातावरण दूषित कर तापमान को उग्रता के चरम बिंदु पर लेकर जा रहा है जिसके चलते समुद्री तूफान, बाढ़, भूकंप, विध्वंस जैसी स्थितियाँ देखने को मिलेंगी। वर्ष के मध्य में यह स्थितियां अधिक देखने को मिलेंगी। उग्रवादी घटनाएँ बढ़ेंगी और किसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर के नेता पर प्रहार भी हो सकता है। वैसा ही कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर हो रहा है। ग्रह स्थिति बोलती है कि डरते-सहमते, रोते-गाते कॉमनवेल्थ गेम्स ठीक से संपन्न हो जाएँगे।
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सोनिया गाँधी ने विरासत में जो पाया, अगले तीन सालों में वो तरीके से अपनी संतान को सौंप देंगी। 2010 में वे कुछ ऐसे निर्णय लेंगी जो सबको चौंकाने वाले भी होंगे। इस दशा में उनको अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना अति आवश्यक है।
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बुध, चंद्रमा के संयोग से शुरु में व्यक्ति में विश्वास की कमी रहती है और उसका प्रदर्शन भी बहुत अच्छा नहीं रहता लेकिन यह योग व्यक्ति के पैनेपन को समय के साथ बढ़ाता है। राहू दशम् में हो और यदि व्यक्ति राजनीति करे तो सफलता चलकर घर आती है। वर्तमान में चंद्र में राहू की दशा चल रही है जो सितंबर 2010 तक रहेगी और उसके बाद बृहस्पति की अंतर्दशा चलेगी। कई अर्थों में 2010 राहुल गाँधी की उपलब्धियों के लिए जाना जाएगा। राहुल गाँधी एक नए रूप में उभरकर आएँगे।
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मायावती का लग्न वृष है और वर्तमान में इनको शनि की महादशा में राहू की अंतर्दशा चल रही है और पूरे 2010 में इसका प्रभाव रहेगा। मायावती ने तेलंगाना के उपद्रव को देखकर अपने राज्य और अन्य राज्यों में उपद्रव का माहौल बना दिया है। अपने राज्य और खुद से ध्यान हटाने के लिए मायावती ऐसे कई पत्ते अपने झोले में से निकाल सकती हैं।
प्रस्तुति : मानसी

