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क्या था भगवान श्रीकृष्ण का पहला नाम? जानें पुराणों में क्या लिखा है

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 11 अगस्त 2025 (17:00 IST)
what was shri krishna first name when he was born: रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर हम सब भगवान श्रीकृष्ण को उनके अनगिनत नामों से पुकारते हैं - कन्हैया, मुरली मनोहर, गोपाल और माखनचोर। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब माता देवकी ने उन्हें पहली बार अपनी गोद में लिया, तो उन्होंने उन्हें किस नाम से पुकारा था? पुराणों में इस पवित्र क्षण का अद्भुत वर्णन मिलता है, जो हमें श्रीकृष्ण के पहले नाम के बारे में बताता है।

पुराणों के अनुसार श्रीकृष्ण का पहला नाम
श्रीमद भागवत पुराण के दसवें स्कंध में श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य कथा विस्तार से बताई गई है। इसी ग्रंथ के तीसरे अध्याय के 24वें श्लोक में इसका उल्लेख है कि जब देवकी ने कारागार में भगवान विष्णु के भव्य रूप को देखा, तो उन्होंने उन्हें विष्णु कहकर पुकारा। उनके लिए, वह केवल एक शिशु नहीं, बल्कि स्वयं जगत के पालनहार थे। इसके बाद, इसी अध्याय के 29वें श्लोक में, माता देवकी ने अपने नवजात पुत्र को मधुसूदन नाम से संबोधित किया, जो विष्णु भगवान के ही एक और रूप का प्रतीक है। इस तरह, पुराणों के अनुसार, श्रीकृष्ण का पहला नाम विष्णु था, जिसे स्वयं उनकी माता ने दिया था।
श्रीकृष्ण के कुछ अन्य प्रचलित नाम
विष्णु और मधुसूदन के अलावा भी भगवान श्रीकृष्ण के कई नाम हैं, जो उनके जीवन की अलग-अलग लीलाओं और गुणों को दर्शाते हैं:
मोहन: यह नाम उनके मनमोहक रूप और बांसुरी की मधुर धुन के कारण पड़ा।
गोविंदा और गोपाल: गायों की रक्षा करने के कारण उन्हें इन नामों से जाना गया।
कान्हा और कन्हैया: ये उनके बचपन के प्यारे नाम हैं, जो उनके चुलबुले स्वभाव को दर्शाते हैं।
द्वारकाधीश: द्वारका नगरी के राजा बनने के बाद उन्हें इस नाम से पुकारा गया।
गिरिधर: गोवर्धन पर्वत को उठाने के कारण उन्हें यह नाम मिला।
पार्थ सारथी: महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ का सारथी बनने पर उन्हें सारथी श्रीकृष्ण कहा गया।
इन सभी नामों से यह स्पष्ट होता है कि श्रीकृष्ण का हर नाम उनके जीवन की किसी न किसी महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा है।
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